
नई दिल्ली: लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने रविवार को यूएस ट्रेड डील को लेकर मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि यह समझौता भारतीय किसानों के साथ विश्वासघात कर सकता है और देश की कृषि संप्रभुता को खतरे में डाल सकता है. इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी से कुछ आसान सवाल पूछना चाहता हूं.
राहुल ने PM मोदी से पूछे ये पांच सवाल
डीडीजी इंपोर्ट (DDG Import) करने का वास्तव में क्या मतलब है? क्या इसका मतलब यह है कि भारतीय मवेशियों को GM अमेरिकी मक्का से बने Distillers grain खिलाए जाएंगे? क्या इससे हमारे दूध उत्पाद प्रभावी रूप से अमेरिकी कृषि उद्योग पर निर्भर नहीं हो जाएंगे?
अगर हम GM सोया तेल के आयात की अनुमति देते हैं, तो मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और देशभर के हमारे सोया किसानों का क्या होगा? वे एक और कीमतों का झटका कैसे झेल पाएंगे?
जब आप Additional Products कहते हैं, तो उसमें क्या-क्या शामिल है? क्या यह समय के साथ दाल और अन्य फसलों को अमेरिकी आयात के लिए खोलने के दबाव का संकेत है?
नॉन ट्रेड बैरियर्स हटाने का क्या मतलब है? क्या भविष्य में भारत पर GM फसलों पर अपने रुख को ढीला करने, Procurement को कमजोर करने या MSP और bonuses को कम करने का दबाव डाला जाएगा?
एक बार यह दरवाजा खुल गया, तो हर साल इसे और ज़्यादा खुलने से हम कैसे रोकेंगे? क्या इसकी रोकथाम होगी, या हर बार सौदे में धीरे-धीरे और भी फसलों को मेज़ पर रख दिया जाएगा?
राहुल ने आगे कहा कि किसानों को ये सफाई तो मिलनी ही चाहिए. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आज की बात नहीं है. ये भविष्य की भी बात है क्या हम किसी दूसरे देश को भारत की कृषि उद्योग पर लंबे समय की पकड़ बनाने दे रहे हैं.
डील के विरोध में विपक्ष का हल्लाबोल
इस डील के विरोध में विपक्षी दलों, किसान संगठनों और ट्रेड यूनियनों ने 12 फरवरी को देशव्यापी ‘भारत बंद’ का आह्वान किया था. विपक्षी सांसदों ने संसद में जबरदस्त प्रदर्शन किया था. विपक्ष सांसदों ने सरकार से समझौते की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की. केंद्रीय मंत्रियों पीयूष गोयल और अमित शाह ने विपक्ष के इन आरोपों को भ्रामक और झूठा बताया है. सरकार का दावा है कि इस समझौते से भारतीय कपड़ा क्षेत्र के लिए 45,000 करोड़ रुपये का नया बाजार खुलेगा और किसानों और डेयरी क्षेत्र के हितों की पूरी रक्षा की गई है.
डील में क्या-क्या?
डील के तहत भारत कई अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों और कृषि एवं खाद्य उत्पादों पर टैरिफ समाप्त या कम करेगा. भारत ने अमेरिका से बड़े पैमाने पर ऊर्जा, आईटी, कृषि, कोयला और अन्य उत्पादों की खरीद का संकल्प लिया है. दोनों देश नॉन-टैरिफ बैरियर्स को दूर करने पर काम करेंगे. डिजिटल सर्विस टैक्स हटाने और डिजिटल व्यापार से जुड़े नियमों पर बातचीत की प्रतिबद्धता जताई गई है. इसके अलावा सप्लाई चेन, तकनीक और निवेश के क्षेत्र में आर्थिक सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है.
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