
गुवाहाटी। असम में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने रविवार को भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा में शामिल होने के बाद भूपेन बोरा ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने अपनी पूर्व पार्टी में आंतरिक हालातों को चिंताजनक बताया। भूपेन कुमार बोरा ने बातचीत में कहा, ‘मैंने कांग्रेस को 32 साल दिए और पार्टी से मेरा पारिवारिक संबंध बहुत गहरा था। लेकिन असम में कांग्रेस की मौजूदा स्थिति चिंताजनक है। राज्य के हित में चिंतित लोग अब कांग्रेस के साथ नहीं रह सकते।’
पूर्व कांग्रेस नेता ने पार्टी से दूरी बनाने की वजह बताते हुए कहा, ‘मैं अपने इस्तीफे पत्र में लिखी एक बात का उदाहरण देता हूं। कांग्रेस विधायक शेरमन अली ने असम आंदोलन के सभी शहीदों को डाकू कहा, मैंने तुरंत उन्हें निष्कासित कर दिया। असम के एक अन्य कांग्रेस विधायक ने कहा कि सभी पुजारी बलात्कारी हैं, अब उनका नाम जलेश्वर विधानसभा चुनाव के लिए सिफारिश के तौर पर भेजा गया है।’
उन्होंने आगे कहा कि एक अन्य कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जब गौरव गोगोई के नेतृत्व में कांग्रेस सत्ता में आएगी, तो 45 विधानसभा सीटें मुसलमानों के लिए आरक्षित होंगी। उन्होंने कहा, ‘मुझे एपीसीसी अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद गौरव गोगोई ने अमन वदूद को सोशल मीडिया प्रमुख नियुक्त किया। वदूद ने एक किताब लिखी थी जिसमें उन्होंने दावा किया था कि असमिया लोग मूल निवासी नहीं हैं। मैं ऐसी टीम के साथ कैसे काम कर सकता हूं।’
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