
डेस्क: कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित नेटवर्क को लेकर एक सनसनीखेज दावा सामने आया है. CBC News को मिले दस्तावेजों के मुताबिक, पिछले साल कनाडा की एबॉट्सफोर्ड पुलिस को एक कथित धमकी भरा पत्र भेजा गया था. पत्र में Lawrence gang from India के नाम से दावा किया गया कि कनाडा में गैंग के 5 हजार से ज्यादा सदस्य हैं और उसके पास पुलिस से भी ज्यादा हथियार हैं.
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. कथित पत्र कनाडा के रक्षा मंत्री, सेना और पुलिस को संबोधित बताया गया है. पत्र में कई वर्तनी संबंधी गलतियां थीं और विराम चिह्नों का भी इस्तेमाल नहीं किया गया था. कथित पत्र में आगे कनाडा पर कब्जा करने जैसी धमकी का भी जिक्र बताया गया है.लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वास्तव में कनाडा में बिश्नोई गैंग के 5 हजार से ज्यादा सदस्य हैं?
कनाडा की वित्तीय खुफिया एजेंसी FINTRAC ने अप्रैल 2026 में दक्षिण एशियाई समुदाय को निशाना बनाकर की जा रही जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग पर रिपोर्ट जारी की थी. इसमें चेतावनी दी कि कुछ मामलों में अपराधी किसी बड़े और चर्चित गैंग का नाम लेकर धमकी को ज्यादा प्रभावी बनाने की कोशिश कर सकते हैं. एजेंसी ने ऐसे कॉपीकैट अपराधियों की संभावना का भी उल्लेख किया है.
एजेंसी के मुताबिक, ये गतिविधियां हमेशा किसी एक पारंपरिक गैंग स्ट्रक्चर के तहत नहीं चलतीं. इनमें स्थानीय अपराधी, विदेश में मौजूद संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़े लोग और बिचौलिए शामिल हो सकते हैं. FINTRAC ने 2026 की शुरुआत से जबरन वसूली से जुड़े 100 से ज्यादा वित्तीय खुफिया खुलासे तैयार किए हैं. इनमें 300 संदिग्ध व्यक्तियों और 63 हजार से ज्यादा वित्तीय लेन-देन शामिल थी.
दूसरी तरफ, एक तथ्य पूरी तरह आधिकारिक है. 29 सितंबर 2025 को कनाडा सरकार ने बिश्नोई गैंग को Criminal Code के तहत आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया था.कनाडा सरकार के मुताबिक, बिश्नोई गैंग मुख्य रूप से भारत से संचालित होने वाला एक ट्रांसनेशनल क्रिमिनल ऑर्गनाइजेशन है, जिसकी कनाडा में भी मौजूदगी है.
सरकार ने इसे हत्या, गोलीबारी और आगजनी के साथ-साथ जबरन वसूली और धमकी के जरिए समुदायों में डर पैदा करने से जोड़ा है. आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध होने के बाद कनाडाई एजेंसियों को इस संगठन की संपत्ति, फंडिंग, भर्ती और अन्य गतिविधियों के खिलाफ अतिरिक्त कानूनी अधिकार मिलते हैं.
कनाडा की बॉर्डर सर्विस एजेंसी यानी CBSA ने भी जबरन वसूली और संगठित अपराध से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क के खिलाफ इमिग्रेशन कार्रवाई तेज की है. CBSA के मुताबिक, 3 सितंबर 2026 तक 188 रिमूवल ऑर्डर जारी किए गए और 111 लोगों को कनाडा से बाहर भेजा गया. ऐसे लोगों के खिलाफ इमिग्रेशन कार्रवाई भी की गई जिनमें पलविंदर सिंह, जसमेर सिंह, अमितोज बाजवा और साहिबजोत सिंह शामिल हैं.
CBSA के मुताबिक इन मामलों में आपराधिकता या आपराधिक संगठनों से जुड़े होने के आधार पर कनाडा में रहने की पात्रता पर कार्रवाई हुई और संबंधित लोगों को देश से हटाया गया.
लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े नेटवर्क की जांच सिर्फ कनाडा तक सीमित नहीं है.अमेरिकी FBI के मुताबिक Lawrence Bishnoi Organized Crime Group एक ट्रांसनेशनल क्रिमिनल ऑर्गनाइजेशन है, जिसकी शुरुआत भारत के पंजाब से हुई और जिसकी गतिविधियों को कैलिफोर्निया समेत अमेरिका के अन्य इलाकों से जोड़ा गया है.
FBI के मुताबिक 1 जुलाई 2026 को कैलिफोर्निया की संघीय अदालत ने कमल नाम से पहचाने गए एक आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. उस पर जबरन वसूली के जरिए कारोबार में दखल देने की साजिश का आरोप है. FBI ने इस मामले को Lawrence Bishnoi Organized Crime Group से जोड़ा है.
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