
इंदौर। भाजपा ने कांग्रेस के उस सवाल पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने किसानों की गेहूं की फसल समय पर नहीं खरीदने का आरोप लगाया, जिसके कारण किसानों को व्यापारियों को फसल औने-पौने दाम पर बेचना पड़ी। कांग्रेस ने बारदानों की कमी का भी आरोप लगाया। भाजपा के किसान मोर्चा ने कहा कि युद्ध के कारण पॉलीमर की कमी आ गई, फिर भी सरकार ने बारदाने प्रदेश मेंं भिजवाए।
भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष जयपालसिंह चावड़ा ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण आमजनता को सर्वोच्च प्राथकिता देते हुए पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस का उपयोग अन्य उद्योगों में नहीं हो रहा है। युद्ध के कारण पीपी, एचडीपी बैग के निर्माण में उपयोग किया जाने वाला पॉलीमर की उपलब्धता में कमी आई है। उसके बाद भी केंद्र सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए मध्यप्रदेश को 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन किया है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली मध्यप्रदेश की सरकार समर्थन मूल्य पर किसानों के गेहूं का एक-एक दाना खरीदने के लिए तैयार है। केंद्र सरकार ने भी एक भर्ती बारदाना में गेहूं उपार्जन की अनुमति प्रदान कर दी है। उन्होंने कहा कि एक बार समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी शुरू होने के बाद किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़ेे और खरीदी जारी रहे, इसलिए इंदौर, उज्जैन, भोपाल व नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल से और प्रदेश के शेष संभागों में 15 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी प्रारंभ की जा रही है। चावड़ा ने कहा कि कांग्रेस के नेता किसानों के नाम पर राजनीति करना बंद कर कर्जमाफी के नाम पर कांग्रेस द्वारा किए गए छल के लिए किसानों से माफी मांगे।
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