
इंदौर। दो अपर मुख्य सचिव और मंत्री की उपस्थिति में आयोजित बैठक में इंदौर में नए बोरिंग करने पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया गया। यह फैसला हुए 14 दिन हो गए हैं, लेकिन इसके बारे में अब तक विधिवत आदेश जारी नहीं हुआ है। इसके परिणामस्वरूप अब शहर में हर दिन धडल्ले से बोरिंग हो रहे हैं।
गत 10 जनवरी को रेसीडेंसी कोठी के सभागार में प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में इंदौर के विकास के लिए फैसला लेने के मकसद से एक बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन और नीरज मंडलोई ने भी भाग लिया था। इस बैठक में यह बताया गया कि इंदौर का भूमिगत जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है। इस स्थिति के चलते हुए इंदौर डार्क एरिया के रूप में तब्दील हो रहा है। इस बैठक में इंदौर में अब नए बोरिंग करने पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया गया था।
यह फैसला हुए 14 दिन का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक नए बोरिंग पर प्रतिबंध लगने का आदेश जारी नहीं हुआ है। वैसे यह आदेश कलेक्टर कार्यालय से जारी किया जाता है। इस आदेश के जारी नहीं होने और जनता के बीच बोरिंग पर प्रतिबंध लगने की तैयारी की जानकारी पहुंच जाने का परिणाम शहर में नजर आ रहा है। इस समय रात में शहर में तेज गति से अलग-अलग स्थानों पर खूब बोरिंग हो रहे हैं। जिन लोगों को भी पानी की थोड़ी सी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, वे लोग बोरिंग करवा कर अपनी-अपनी की आवश्यकता को पूरा करवा लेना चाहते हैं। इन लोगों को यह मालूम है कि अब आने वाले समय में बोरिंग पर प्रतिबंध लगने वाला है। ऐसे में तेज गति के साथ बोरिंग कराने का काम शुरू हो गया है।
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