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BRICS Summit 2026: फ्लाइंग क्रेमलिन से रोलिंग बंकर तक, पुतिन की सुरक्षा के लिए दिल्ली में अभेद्य किले जैसा इंतजाम

September 10, 2026

नई दिल्ली। भारत की अध्यक्षता में इस सप्ताहांत होने वाली ब्रिक्स शिखर बैठक (BRICS Summit 2026) में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, (Vladimir Putin) चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) समेत कई देशों के शीर्ष नेता नई दिल्ली पहुंचने वाले हैं। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के आगमन से पहले राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों में मजबूत किया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2023 के जी-20 सम्मेलन के बाद दिल्ली में इतनी व्यापक सुरक्षा तैयारियां पहली बार देखने को मिल रही हैं।

विदेशी नेताओं के साथ उनकी विशेष सुरक्षा व्यवस्था भी राजधानी पहुंचेगी। इनमें अत्याधुनिक सुरक्षा तकनीक से लैस विमान, बख्तरबंद वाहन, निजी खाद्य सुरक्षा इंतजाम और अन्य विशेष उपकरण शामिल बताए जा रहे हैं। खासतौर पर रूसी राष्ट्रपति पुतिन की सुरक्षा के लिए रूस की फेडरल प्रोटेक्टिव सर्विस और भारतीय सुरक्षा एजेंसियां मिलकर सुरक्षा घेरा तैयार कर रही हैं।


  • छतों पर AI तकनीक से निगरानी, ड्रोन पर भी नजर

    सुरक्षा व्यवस्था के तहत ऊंची इमारतों की छतों पर स्नाइपर तैनात किए जाने की तैयारी है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ स्थानों पर AI-गाइडेड स्नाइपर सिस्टम और जेस्चर-रिकग्निशन कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी। ये कैमरे लोगों की गतिविधियों में असामान्य बदलाव पहचानने में मदद करेंगे।

    आपात स्थिति के लिए कमांडो को हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे उतारने की व्यवस्था भी तैयार रखी जाएगी। इसके अलावा सड़कों पर चौबीसों घंटे एंटी-ग्राफिटी टीमें तैनात रहेंगी।

    सुरक्षा एजेंसियों के लिए बिना पायलट वाले हवाई वाहन यानी UAV और ड्रोन भी प्रमुख खतरा माने जा रहे हैं। इसके लिए कई स्थानों पर ड्रोन के सिग्नल को जाम करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें निष्क्रिय करने वाले सिस्टम लगाए जाने की बात सामने आई है।

    संभावित विरोध-प्रदर्शन पर भी खुफिया निगरानी

    रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि कुछ विदेशी नेताओं को निशाना बनाकर आयोजन स्थलों के आसपास अचानक विरोध-प्रदर्शन किए जा सकते हैं। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर भड़काऊ संदेश स्प्रे-पेंट किए जाने की आशंका को देखते हुए एंटी-ग्राफिटी टीमें लगातार निगरानी करेंगी।

    हर महत्वपूर्ण अतिथि, उनके होटल और काफिले के लिए अलग-अलग कोड नेम या कॉल साइन तय किए गए हैं। इसका उद्देश्य सुरक्षा और आवाजाही के दौरान सूचनाओं के आदान-प्रदान को व्यवस्थित रखना है।

    पुतिन के लिए ‘रोलिंग बंकर’

    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की जमीनी आवाजाही के लिए रूस से उनकी विशेष ऑरस सेनेट बख्तरबंद कार लाई गई है। इसे सुरक्षा कारणों से ‘रोलिंग बंकर’ के नाम से भी जाना जाता है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, यह वाहन स्नाइपर फायर, बारूदी सुरंग और रासायनिक हमले जैसे खतरों से सुरक्षा के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें रन-फ्लैट टायर और आपातकालीन ऑक्सीजन सिस्टम जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं।

    ‘फ्लाइंग क्रेमलिन’ से सफर करते हैं रूसी राष्ट्रपति

    पुतिन के हवाई सफर के लिए विशेष रूप से तैयार Ilyushin IL-96-300PU विमान का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे अक्सर ‘फ्लाइंग क्रेमलिन’ कहा जाता है। विमान में सुरक्षित कमांड सिस्टम और मिसाइल डिफेंस से जुड़े सुरक्षा उपाय मौजूद होने की जानकारी दी जाती है।

    रिपोर्ट के अनुसार, विमान की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए जरूरत पड़ने पर डिकॉय विमानों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

    पुतिन के खाने की भी होगी कड़ी जांच

    रूसी प्रतिनिधिमंडल अपनी सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है। पुतिन के साथ निजी शेफ और खाद्य पदार्थों की जांच के लिए पोर्टेबल टेस्टिंग लैब जैसी व्यवस्थाएं किए जाने की बात कही गई है।

    सुरक्षा व्यवस्था में जैविक कचरे को सुरक्षित तरीके से एकत्र करने और उसके निस्तारण तक के इंतजाम शामिल बताए जा रहे हैं। कुछ होटलों में सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए डमी डिग्निटरीज यानी नेताओं के हमशक्ल या प्रतिनिधियों की तैनाती की बात भी रिपोर्ट में सामने आई है।

    होटलों को अलग-अलग सुरक्षा जोन में बांटा गया

    विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के ठहरने के लिए दिल्ली के मध्य क्षेत्र, एयरोसिटी और गुरुग्राम के चुनिंदा होटलों को अलग-अलग सिक्योरिटी जोन में बांटा गया है।

    प्रत्येक होटल की सुरक्षा के लिए डीसीपी स्तर के अधिकारी को वेन्यू कमांडर बनाया गया है, जबकि बड़े क्षेत्रों की निगरानी स्पेशल कमिश्नर स्तर के अधिकारी करेंगे।

    हर होटल में दो कमरों को ऑपरेशनल कमांड पोस्ट में बदलने की तैयारी है। इनमें से एक दिल्ली पुलिस के केंद्रीय C4i कमांड सिस्टम से जुड़ा रहेगा, जबकि दूसरे का इस्तेमाल आपात स्थिति में बैकअप कंट्रोल रूम के तौर पर किया जाएगा।

    ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान दुनिया के कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली में जमीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की अपनी सुरक्षा व्यवस्थाओं के साथ भारतीय एजेंसियों की बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था राजधानी में किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार रहेगी।

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