
नई दिल्ली। अमेरिका (America) लगातार ईरान (Iran) पर हमला कर रहा है। ईरान भी अमेरिका को लगातार जवाब दे रहा है। इसी बीच ब्रिटेन ने अमेरिका को बड़ा झटका दिया है। ब्रिटेन ने अमेरिका को ईरानी नागरिक ढांचे पर हमलों के लिए अपने सैन्य अड्डों के उपयोग से साफ मना किया।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने Deigo Garcia और RAF Fairford जैसे महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को ईरान के पुलों या बिजली संयंत्रों जैसे नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों के लिए अमेरिकी सेना के उपयोग की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। ब्रिटेन का रुख स्पष्ट है कि ये नागरिक लक्ष्य हैं और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत संरक्षित हैं। लिहाज़ा ऐसी कार्रवाई युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकती है। मध्य पूर्व से हजारों किलोमीटर दूर स्थित ये रणनीतिक अड्डे अमेरिका के लंबी दूरी के बम वर्षकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
बता दें कि पहले ब्रिटेन ने ईरान के खिलाफ अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी थी। इसमें RAF फेयरफोर्ड और डिएगो गार्सिया शामिल था। यह फैसला मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच आया था। जहां ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष बढ़ रहा है। ब्रिटेन का कहना था कि यह कदम “सामूहिक रक्षा” के तहत उठाया गया था। इसके बाद ईरान ने ब्रिटेन को चेतावनी दी थी कि अगर वह अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने देता है, तो इसे सीधे युद्ध में शामिल होना माना जाएगा। ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि ब्रिटेन की यह कार्रवाई उसके नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है।
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