
लखनऊ । बसपा संयोजक आकाश आनंद (BSP coordinator Akash Anand) 28 अक्टूबर से उत्तर प्रदेश के पांच जिलों में (In five districts of Uttar Pradesh starting October 28) जनसभाएं करेंगे (Will hold Public Meetings) ।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद उत्तर प्रदेश में आगामी 28 अक्टूबर से जनसभाओं के जरिए पार्टी के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाएंगे। वह नवंबर के अंत तक प्रदेश के पांच जिलों में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। इसके अलावा संविधान दिवस के अवसर पर 26 नवंबर को पंजाब में आयोजित विचार संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि छह दिसंबर को बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर उत्तराखंड के हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर आकाश आनंद के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि वह पार्टी और मूवमेंट के कार्यों को परिवार तथा रिश्ते-नातों से ऊपर प्राथमिकता देते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाने में जुट गए हैं। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज के लोगों को आकाश आनंद से काफी अपेक्षाएं हैं। आकाश आनंद की पहली जनसभा 28 अक्टूबर को बुलंदशहर में होगी। इसके बाद दो नवंबर को सहारनपुर, 20 नवंबर को अयोध्या, 22 नवंबर को आगरा और 29 नवंबर को कानपुर नगर में बसपा की ओर से आयोजित जनसभाओं को संबोधित करेंगे।
उन्होंने बताया कि 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर पंजाब में बसपा की ओर से आयोजित विचार संगोष्ठी समारोह में आकाश आनंद मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार रखेंगे। इसके बाद छह दिसंबर को उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर आयोजित विचार संगोष्ठी समारोह और जनसभा को संबोधित करेंगे। मायावती ने आकाश आनंद की सक्रियता का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले दिनों पार्टी में जो अप्रिय घटनाक्रम हुए, उनके लिए आकाश आनंद से अधिक उनके रिश्तेदार अशोक सिद्धार्थ जिम्मेदार थे। इसी कारण अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर करने के साथ राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दी गई थी।
बसपा प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आकाश आनंद के कार्यक्रमों को सफल बनाने की अपील करते हुए कहा कि स्वार्थी तत्व तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने पार्टी के सभी लोगों से सतर्क रहने और आकाश आनंद को सौंपे गए कार्यक्रमों को पूरे तन, मन और धन से सफल बनाने को कहा। मायावती ने अशोक सिद्धार्थ की पार्टी में वापसी की अटकलों को भी खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अशोक सिद्धार्थ को किसी भी स्थिति में और किसी भी कीमत पर दोबारा पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही मायावती ने बताया कि आनंद कुमार के छोटे बेटे ईशान आनंद, जो लंदन से वकालत की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं, उनके दिशा-निर्देशन में बसपा के दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में सहयोग करेंगे। वह विशेष रूप से पार्टी के चुनाव और अन्य कागजी कार्यों से संबंधित जिम्मेदारियों को निभाने में योगदान देंगे।
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