
चेन्नई । तमिलनाडु में 1 जुलाई से (In Tamil Nadu from July 1) केंद्र की ‘वीबी-जी राम जी’ योजना लागू होगी (Centre’s ‘VB-G Ram Ji’ Scheme will be Implemented) ।
तमिलनाडु सरकार ने केंद्र की संशोधित ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन’ (वीबी-जी राम जी योजना) को 1 जुलाई से लागू करने का फैसला किया है, हालांकि सरकार ने नई फंडिंग व्यवस्था के तहत राज्य पर पड़ने वाले बढ़े हुए वित्तीय बोझ को लेकर चिंता भी जताई है। यह योजना 60-40 लागत साझेदारी के आधार पर लागू होगी। इसके तहत कुल खर्च का 60 प्रतिशत केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत तमिलनाडु सरकार वहन करेगी।
नई व्यवस्था के तहत केंद्र ने तमिलनाडु के लिए 7,585.49 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष के बचे हुए नौ महीनों में योजना को लागू करने के लिए राज्य सरकार को 3,034.19 करोड़ रुपए का योगदान देना होगा। नई व्यवस्था के तहत राज्य पर सालाना 4,500 से 5,000 करोड़ रुपए तक का वित्तीय बोझ पड़ने का अनुमान है, जिससे राज्य के वित्त पर अतिरिक्त दबाव बढ़ेगा।
वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि तमिलनाडु पिछले दो दशकों से ग्रामीण रोजगार और आजीविका कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक लागू करने वाले प्रमुख राज्यों में शामिल रहा है। राज्य सरकार ग्रामीण परिवारों को रोजगार और आजीविका सहायता उपलब्ध कराना जारी रखना चाहती है। हालांकि उन्होंने माना कि नई फंडिंग व्यवस्था पहले की तुलना में बड़ा बदलाव है, क्योंकि पहले राज्य का वित्तीय योगदान काफी कम था। अधिकारियों ने याद दिलाया कि केंद्र प्रायोजित ग्रामीण रोजगार योजनाओं की फंडिंग व्यवस्था में बदलाव को लेकर राज्य सरकार पहले भी केंद्र के समक्ष अपनी चिंताएं जता चुकी है। विशेष रूप से इस बात को लेकर कि इसका असर राज्यों की वित्तीय स्थिति पर पड़ सकता है।
वित्तीय बोझ के अलावा, तमिलनाडु ने योजना के कुछ संचालन संबंधी प्रावधानों पर भी आपत्ति जताई है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ जिलों में 60 दिनों तक रोजगार संबंधी कार्यों पर रोक लगाने का प्रावधान ग्रामीण आजीविका और रोजगार के अवसरों को प्रभावित कर सकता है। उनका तर्क है कि इस तरह की पाबंदियां स्थानीय कृषि चक्र और मौसमी रोजगार की जरूरतों को पूरी तरह ध्यान में नहीं रखतीं, खासकर उन जिलों में जहां खेती का पैटर्न राष्ट्रीय औसत से अलग है।
इन चिंताओं के बावजूद राज्य सरकार ने 1 जुलाई से योजना लागू करने का निर्णय लिया है। फिलहाल प्रशासनिक तैयारियां जारी हैं। विभिन्न विभाग योजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए कार्ययोजना और व्यवस्थाओं पर समन्वय कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि नई फंडिंग व्यवस्था के अनुरूप ढलते हुए भी राज्य सरकार ग्रामीण रोजगार और आजीविका सृजन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेगी।
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