काठमांडू (kathmandu)! नेपाल के वामपंथी दलों को एकजुट करने के लिए चीन (China) फिर सक्रिय हो गया है। चीन के सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (ruling communist party) के नेताओं का लगातार हो रहा नेपाल दौरा इसी बात की तरफ संकेत दे रहा है।पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से मुलाकात के क्रम में मौजूद रहे नेकपा (एमाले) के विदेश मामलों के प्रमुख डॉ. राजन भट्टराई ने बताया कि नेपाल में पश्चिमी देशों के बढ़ते प्रभाव को लेकर चीन ने चिंता जताई है। बीआरआई प्रोजेक्ट के आगे नहीं बढ़ने पर भी चीन ने अपनी चिंताओं से अवगत कराया। भट्टराई से जब यह पूछा गया कि क्या वामपंथी दलों को एक करने को लेकर कोई बात हुई है इस पर उन्होंने सीधे तो जवाब नहीं दिया, लेकिन इतना जरूर कहा कि चीन नेपाल में सभी वामपंथी दलों को मजबूती के साथ सत्तारूढ़ देखना चाहता है। यह ओपन सेक्रेट है।
इन दोनों के अलावा चीनी प्रतिनिधिमंडल की योजना अन्य छोटे वामपंथी दलों के नेताओं से भी मुलाकात करने की है। ओली की पार्टी से अलग हुए पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल से मिलकर चीनी प्रतिनिधिमंडल ने चीन और नेपाल के रिश्ते और मजबूत बनाने की बात कही। जनता समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव से भी चीनी प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। एजेंसी
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