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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे CJP के 3 नेता गिरफ्तार, बिना अनुमति क्षेत्र में कर रहे थे प्रवेश

October 14, 2026

नई दिल्ली। दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar) के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। सौरव दास (Sourav Das), आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) और अजिंक्य शिंदे (Ajinkya Shinde) को एहतियातन गिरफ्तार किया गया। इससे पहले पुलिस ने सौरव दास, आशुतोष रांका और संगठन के अन्य सदस्यों के खिलाफ कथित तौर पर बिना अनुमति जंतर-मंतर क्षेत्र में प्रवेश करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी।

पुलिस के अनुसार, तीनों को एसईएम कोर्ट में पेश किया गया है। पार्टी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया था कि नेताओं को अदालत में पेश किया जाएगा।

निषेधाज्ञा के उल्लंघन का आरोप
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दर्ज प्राथमिकी में शांति बनाए रखने के लिए पहले दिए गए पीस बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन से संबंधित धाराएं भी शामिल हैं। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब सीजेपी कार्यकर्ता भारी बैरिकेडिंग वाले जंतर-मंतर क्षेत्र में दाखिल हुए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे।


  • हाल ही में जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया था। मंगलवार सुबह सौरव दास, आशुतोष रांका और संगठन के कुछ अन्य सदस्यों को कथित तौर पर निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद हिरासत में लिया गया। सीजेपी का दावा है कि उसके करीब 11 सदस्यों को हिरासत में लिया गया है।

    एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को द्वारका जिले के जाफरपुर कलां थाने ले जाया गया। वहां कुछ सीजेपी कार्यकर्ताओं के पहुंचने के बाद थाने और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई।

    सीजेपी के संस्थापक दीपके ने संगठन की कार्रवाई को जंतर-मंतर पर दोबारा अपना अधिकार जताने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन स्थल को निर्धारित सूची से हटाए जाने के बावजूद उनका आंदोलन जारी रहेगा।

    एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर हुए थे रिहा
    इससे पहले शनिवार को भी दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पहुंचने के बाद हिरासत में लिया गया था। उस समय सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के कारण सीजेपी का मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन नहीं हो पाया था।

    तीनों को एक दिन बाद इस शर्त पर रिहा किया गया था कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे। अब जंतर-मंतर पर दोबारा प्रदर्शन की कोशिश के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है।

    दिल्ली में प्रदर्शन के लिए नए स्थलों की सूची जारी
    दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को एक स्थायी आदेश जारी किया था। इसके तहत रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान को धरना-प्रदर्शन के लिए नए निर्धारित स्थलों के रूप में सूचीबद्ध किया गया।

    सीजेपी का कहना है कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने की जानकारी 12 अक्टूबर को सामने आई थी। संगठन के मुताबिक, उसी दिन उसके प्रतिनिधि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए तारीख और समय तय कराने के उद्देश्य से संसद मार्ग थाने पहुंचे थे।

    जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर सीजेपी और दिल्ली पुलिस के बीच विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। पुलिस ने जहां नियमों और निषेधाज्ञा के कथित उल्लंघन का हवाला दिया है, वहीं संगठन ने प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है।

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