वॉशिंगटन। खुद को कई संघर्षों को रुकवाने वाला नेता बताने वाले डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अब ईरान संकट (iran crisis) में मध्यस्थ की तलाश करते दिखाई दे रहे हैं। ताजा घटनाक्रम ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अमेरिका ईरान के साथ जारी टकराव में उलझ गया है।
बताया जा रहा है कि शहबाज शरीफ ने इस संघर्ष में मध्यस्थता की पेशकश की है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शरीफ की पोस्ट साझा कर इस प्रस्ताव को सकारात्मक संकेत दिया है। इसे दोनों देशों के बीच संभावित बातचीत की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाने वाले ट्रंप के सुर हाल के दिनों में नरम पड़े हैं। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिकी प्रशासन युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत कर रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान के कुछ लक्ष्यों पर हमलों को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है और दोनों पक्षों के बीच “सार्थक संवाद” जारी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार इस्लामाबाद संभावित बातचीत का केंद्र बन सकता है। Financial Times ने दावा किया कि पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख आसिम मुनीर ने ट्रंप से बातचीत कर मध्यस्थता की पेशकश की। वहीं CNN की रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए ईरान को मांगों की सूची भेजी है।
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख आसिम मलिक अमेरिकी प्रतिनिधियों से संपर्क में हैं। इनमें विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर शामिल बताए जा रहे हैं।
संघर्ष के 25वें दिन लेबनान के ऊपर एक ईरानी मिसाइल को बीच में ही मार गिराया गया। मलबा उत्तरी इलाकों में गिरने से कुछ लोग घायल हुए। वहीं इजरायल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हवाई हमले तेज कर दिए हैं। इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में कार्रवाई के दौरान हिजबुल्लाह के दो लड़ाकों को पकड़ने का दावा भी किया है।
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