मुंबई। धुरंधर 2 (Dhurandhar 2) की रिलीज के बाद दर्शकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि फिल्म में दिखाया गया जासूसी किरदार (Detective character) कितना वास्तविक है। इसी बीच फिल्म से जुड़े सैन्य सलाहकार कर्नल भूपेंद्र शाही (Colonel Bhupendra Shahi) ने दावा किया है कि कहानी में कई पहलू वास्तविक घटनाओं से प्रेरित हैं। उन्होंने एक ऐसे जासूस का किस्सा भी साझा किया, जिसने सीमा पार जाकर महीनों तक गुप्त मिशन पूरा किया।
विजय विक्रम सिंह के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान कर्नल शाही ने कहा कि जासूसी गतिविधियां हर देश में होती हैं और फिल्म में दिखाया गया अंदाज काफी हद तक वास्तविक है। उन्होंने बताया कि उनके पास एक ऐसा युवक था, जिसे सीमा पार भेजा गया था और उसने महत्वपूर्ण जानकारी जुटाकर वापसी की।
उन्होंने बताया कि जासूस को एक तय तारीख तक एलओसी पार कर वापस लौटना था, लेकिन परिस्थितियों के कारण देरी हो गई। इसके बावजूद वह किसी तरह भारतीय सीमा में दाखिल हो गया। बाद में सेना ने उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और उसके पास मौजूद जानकारी को सुरक्षित तरीके से निकाला गया।
कर्नल शाही ने कहा कि मिशन के दौरान जासूस को पर्याप्त नकद राशि भी दी गई थी, जिसे उसने स्थानीय लोगों के बीच विश्वास बनाने में इस्तेमाल किया। उनके अनुसार, फिल्म में दिखाए गए कई तत्व ऐसे वास्तविक अभियानों से प्रेरित हैं, हालांकि सिनेमा में उन्हें थोड़ा नाटकीय रूप दिया जाता है।
बताया जाता है कि कर्नल शाही इससे पहले भी कई फिल्मों में सैन्य सलाहकार की भूमिका निभा चुके हैं। उनका काम फिल्मों को यथार्थ के करीब लाना और सैन्य प्रक्रियाओं की प्रामाणिकता सुनिश्चित करना होता है।
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