
इंदौर (Indore)। बारिश समाप्त होने पर जमीनों के सीमांकन के जो लम्बित प्रकरण हैं उन पर अब तत्परता से कार्रवाई शुरू की जाए। साथ ही राजस्व वसूली पर भी जोर दें और डायवर्शन सहित अन्य राशि की शत-प्रतिशत वसूली हो। सालों पहले जो आवासीय डायवर्शन हुए और वर्तमान में उनका उपयोग व्यवसायिक या अन्य प्रयोजन के लिए किया जा रहा है ऐसे मामलों को भी पकड़ें और उन पर नियम मुताबिक डायवर्शन की राशि, पेनल्टी की वसूली की जाए। कलेक्टर आशीष सिंह ने राजस्व अमले को उक्त निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में भी इंदौर हर क्षेत्र की तरह अव्वल रहे।
कलेक्टर आशीष सिंह ने कल राजस्व प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा के लिए राजस्व अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती ज्योति शर्मा, श्री गौरव बैनल, श्री रोशन राय, श्री राजेंद्र रघुवंशी तथा श्रीमती निशा डामोर सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। बैठक में कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन सहित अन्य राजस्व प्रकरणों के निराकरण की अधिकारी वार प्रगति की समीक्षा की। डायवर्सन टैक्स सहित अन्य राजस्व वसूली की भी समीक्षा की।
बैठक में निर्देश दिए गए कि डायवर्सन टैक्स का पुनर्निर्धारण किया जाए। देखने में आ रहा है कि कई वर्ष पूर्व भू स्वामियों द्वारा अपनी भूमि का आवासीय में डायवर्सन कराया था और आज भी वही डायवर्सन टैक्स जमा कर रहे हैं, जबकि वर्तमान में उस भूमि का उपयोग व्यावसायिक या अन्य प्रयोजन में किया जा रहा होगा। निर्धारित लक्ष्य के अनुसार डायवर्सन टैक्स सहित अन्य राजस्व वसूली शत प्रतिशत की जाये। निर्देश दिये गए कि कालोनियों, वेयर हाउस, मैरिज गार्डन, मॉल, व्यावसायिक संस्थानों आदि से डायवर्सन टैक्स की वसूली पर विशेष ध्यान दिया जाये। सभी राजस्व अधिकारी राजस्व प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान देवें। सभी राजस्व प्रकरण समय सीमा में निराकृत हो।
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