
इंदौर। किसानों के मुद्दों पर कल कांग्रेस पूरे प्रदेश में आंदोलन करने जा रही है। इस दौरान हर शहर में कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा। घेराव के दौरान एकसाथ गेहूं की खरीदी करने की मांग की जाएगी। इंदौर में भी शहर और ग्रामीण क्षेत्र के नेता घेराव में शामिल होंगे।
कांग्रेस का कहना है कि विधानसभा चुनाव के समय भाजपा ने 2700 रुपए क्विंटल गेहूं खरीदने का कहा था, लेकिन सत्ता में आते ही 40 रुपए का बोनस देकर किसानों के साथ छल किया, जबकि राजस्थान में डेढ़ सौ रुपए का बोनस दिया जा रहा है। पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा ने मीडिया से चर्चा में कहा कि खरीदी में भी जानबूझकर देरी की जा रही है, ताकि किसान घबराकर औने-पौने दाम में गेहूं व्यापारियों को बेच दें। इसमें कई बिचौलिये भी सक्रिय हो गए हैं। सरकार ने इंदौर, भोपाल, उज्जैन और नर्मदापुरम में 10 अप्रैल और अन्य संभागों में 15 अप्रैल से खरीदी करने का निर्णय लिया है.
वहीं 160 लाख टन खरीदी के पंजीकरण के मुकाबले 78 लाख टन खरीदी की सीमा तय कर किसानों की कमर तोड़ दी है, वहीं बारदाने की कमी का बहाना भी बनाया जा रहा है। प्रदेश में 10 करोड़ बारदानों की जरूरत थी, लेकिन 2.60 करोड़ बारदानों की व्यवस्था ही हो पाई है। ओलावृष्टि से भी सीहोर, विदिशा सहित 17 जिलों में फसलें बर्बाद हुई है, लेकिन इन्हें अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया। इन सभी मुद्दों को लकर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में सभी जिला मुख्यालयों पर किसानों के साथ कांग्रेस प्रदर्शन करेगी। कल सभी जगह कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इंदौर में भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ घेराव की रणनीति तैयार की जा रही है। भोपाल में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान के घर के बाहर कार्यकर्ता एक दिनी उपवास पर बैठेंगे।
ये है कांग्रेस की प्रमुख मांगें
ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की सफल का तत्काल सर्वे हो और मुआवजा दिया जाए।
50 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से राहत राशि प्रदान करें।
गेहूं की खरीदी तुरंत शुरू कर 2700 रुपए प्रति क्विवंटल का चुनावी वादा पूरा किया जाए।
31 मार्च तक कर्ज नहीं चुकाने वाले किसानों का दंडात्मक ब्याज माफ किया जाए।
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