
जबलपुर। शहर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बड़ी पहल की गई है। वर्षों तक निजी हाथों में रही सीटी स्कैन मशीन की व्यवस्था अब पूरी तरह मेडिकल प्रबंधन ने अपने नियंत्रण में ले ली है। इसके तहत अस्पताल में नई सीटी स्कैन मशीन स्थापित कर दी गई है, जिसका शुभारंभ शुक्रवार को किया जा रहा है। इस फैसले से खासतौर पर गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
निजी से सरकारी नियंत्रण में आई सुविधा
अब तक सीटी स्कैन की सुविधा निजी एजेंसियों के माध्यम से संचालित हो रही थी, जिससे मरीजों को जांच के लिए अधिक शुल्क चुकाना पड़ता था। लेकिन अब मेडिकल प्रबंधन द्वारा खुद की मशीन लगाए जाने के बाद यह सेवा अधिक पारदर्शी और सुलभ हो सकेगी। इससे अस्पताल में इलाज की गुणवत्ता में भी सुधार आने की संभावना जताई जा रही है।
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने बताया कि सीटी स्कैन मशीन का लोकार्पण शुक्रवार को किया जाएगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एमआरआई मशीन का कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही मरीजों को यह सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे मरीजों को एक ही परिसर में आधुनिक जांच सुविधाएं मिल सकेंगी।
विशेष अनुमति से भी मिल सकेगी सुविधा
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई मरीज गंभीर स्थिति में है और उपरोक्त श्रेणियों में शामिल नहीं है, तो अधिष्ठाता, संयुक्त संचालक, अधीक्षक या आकस्मिक विभाग में कार्यरत सीएमओ की अनुमति से भी उसकी जांच निशुल्क कराई जा सकेगी। इससे आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल राहत मिल सकेगी।
सभी विभागों को सख्त निर्देश जारी
यह निर्देश संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक चिकित्सालय, स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन पल्मोनरी मेडिसिन सहित सभी विभागाध्यक्षों को भेजा गया है। सभी को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि योजना का लाभ वास्तविक पात्र मरीजों तक पहुंच सके।
मरीजों को बड़ी राहत, खर्च में आएगी कमी
सीटी स्कैन जैसी जांचें सामान्यत: महंगी होती हैं, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय मरीजों को आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद बड़ी संख्या में मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है और इलाज की प्रक्रिया अधिक सुलभ हो सकेगी।
किन मरीजों को मिलेगा जांच का लाभ
जारी निर्देशों के अनुसार मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पतालों में कई वर्गों के मरीजों के लिए सीटी/एमआरआई जांचें पूरी तरह निशुल्क दी जाएंगी। इनमें मेडिको-लीगल केस (एमएलसी), अस्पताल के स्टाफ और उनके प्रथम परिजन, यूजी/पीजी/पैरामेडिकल/नर्सिंग के छात्र और उनके परिजन, वरिष्ठ नागरिक, अज्ञात और लावारिस मरीज, मास कैजुअल्टी (दुर्घटना या आपदा के शिकार मरीज) तथा बीपीएल वर्ग शामिल हैं।
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