
जबलपुर के अग्निकांड में बड़ा खुलासा
भोपाल। 1 अगस्त 2022 को जबलपुर के निजी अस्पताल (Private Hospital in Jabalpur) मेंं लगी आग में 8 लोगों की मौत होने के मामले में नया खुलासा हुआ है। अस्पताल ने नगर निगम से आवासीय मकान बनाने के लिए दो मंजिला भवन की बिल्डिंग परमीशन ली, लेकिन चार मंजिला बना ली। साथ ही आवास की जगह वहां सुपर स्पेशलिटी अस्पताल (Super Specialty Hospital) भी बना डाला।
नियमों के मुताबिक भवन निर्माण के बाद कंप्लीशन सर्टिफिकेट लेना आवश्यक है ताकि परमीशन के अनुसार उसका निर्माण और सारे सुरक्षा उपाय देखे जा सकें, लेकिन ये प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह थी सरकार का सर्कुलर, जिसमें सरकार ने निजी अस्पतालों के दबाव में एक सर्कुलर जारी किया जिसमें कहा गया कि बिल्डिंग परमीशन को ही कंप्लीशन सर्टिफिकेट माना जाए। इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ने विधानसभा में कहा कि सरकार ने बिल्डिंग परमीशन और कंप्लीशन सर्टिफिकेट से जुड़े नगर पालिक नियम के अधिनियम को नहीं बदला, बल्कि निजी नर्सिंग होम एसोसिएशन की मांग पर एक सर्कुलर जारी किया था। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री सर्कुलर जारी करने की संवैधानिकता के मामले में कांग्रेस विधायकों के सवालों में उलझ गए। मामले में प्रभुराम चौधरी जब कोई जवाब नहीं दे पाए तो संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सदन में घोषणा की कि इस मामले की फिर जांच कराई जाएगी।
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