
डेस्क। कर्नाटक विधानसभा में आद पूरे राज्य में सांस्कृतिक और धार्मिक त्योहारों के दौरान डीजे के इस्तेमाल पर बहस हुई। कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार इस पर बैन लगाने के लिए आदेश लाना चाहती है। इसके लिए उसने विपक्षी भाजपा का समर्थन मांगा।
संतोष लाड ने कहा जयंती समारोहों के दौरान तेज आवाज में संगीत बजा कर आयोजन एक बड़ी समस्या बन गया है। आज, हमारे देवी-देवताओं की शोभायात्रा तब तक आगे नहीं बढ़ती जब तक डीजे पर अशिष्ट गाने न बजाए जाएं। उन्होंने तर्क दिया कि तेज संगीत बजाना हमारी सांस्कृतिक का हिस्सा नहीं है और उन्होंने इस पर पूरी तरह से बैन लगाने की अपील की। उन्होंने आगे कहा इसके बजाय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए। इसके लिए 5 लाख रुपये से लेकर 25 लाख रुपये तक का फंड दिया जा सकता है। फिलहाल, बजट करोड़ों में चला जाता है क्योंकि कुछ कलाकार बहुत ज्यादा फीस लेते हैं।
कन्नड़ और संस्कृति मंत्री शिवराज तंगडगी ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया और कहा कि अगर भाजपा सहयोग करती है तो सरकार इस पर कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा डीजे संगीत कई तरह की समस्याएं पैदा कर रहा है। अगर भाजपा सहयोग करती है, तो हम इस पर बैन लगाने का आदेश जारी करेंगे। हालांकि, BJP विधायक एस.एन. चन्नबसप्पा ने इस चर्चा पर आपत्ति जताते हुए कहा कि विधानसभा को मंत्रियों की निजी पसंद-नापसंद पर बहस करने की ज़रूरत नहीं है। चन्नबसप्पा ने पहले सांस्कृतिक त्योहारों के आयोजन पर सवाल उठाए थे। आईटी और बीटी मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि डीजे संस्कृति नई चीज है। इस पर बजाए जाने वाले गानों पर ध्यान देना चाहिए।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved