img-fluid

मंदिरों में पशु बलि पर रोक की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

March 14, 2026

नई दिल्ली। मंदिरों (Temples) में धार्मिक परंपराओं (Religious Traditions) के नाम पर होने वाली पशु बलि (Animal) को प्रतिबंधित करने की मांग से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने पशुपालन मंत्रालय को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा है।

यह जनहित याचिका (PIL) अधिवक्ता श्रुति बिष्ट की ओर से दायर की गई है। मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने की। याचिका में कहा गया है कि कई मंदिरों में अब भी धार्मिक परंपराओं के नाम पर जानवरों की बलि दी जाती है, लेकिन इसे रोकने के लिए सरकार की ओर से पर्याप्त और प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि सुप्रीम कोर्ट अपने कई फैसलों में यह स्पष्ट कर चुका है कि हर जीव को जीवन का अधिकार प्राप्त है। संविधान के अनुच्छेद 21 में भी जीवन के अधिकार की बात कही गई है और यह अधिकार केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जानवरों को भी इसका संरक्षण मिलना चाहिए।


  • कानून में बदलाव की मांग

    याचिका में प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स एक्ट, 1960 की धारा 28 में संशोधन की मांग की गई है। वर्तमान प्रावधान के अनुसार यदि किसी धार्मिक परंपरा के तहत किसी जानवर की हत्या की जाती है तो उसे अपराध नहीं माना जाता। याचिकाकर्ता ने इस प्रावधान को चुनौती देते हुए अदालत से आग्रह किया है कि धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान होने वाली पशु बलि को रोकने के लिए सख्त कानून बनाए जाएं।

    याचिका में यह भी कहा गया है कि पहले मंदिरों में पशु बलि की परंपरा में कुछ कमी आई थी, लेकिन समय के साथ स्थानीय सांस्कृतिक प्रभावों के कारण यह प्रथा फिर से कई क्षेत्रों में प्रचलित हो गई।

    इन क्षेत्रों में अब भी जारी है परंपरा

    याचिका के मुताबिक भारत के कुछ हिस्सों के अलावा इंडोनेशिया के बाली और नेपाल में भी पशु बलि की परंपरा देखी जाती है। भारत में यह प्रथा खासतौर पर हिमालयी क्षेत्रों, पूर्वोत्तर राज्यों, ओडिशा, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कुछ इलाकों में अब भी प्रचलित बताई गई है।

    आम तौर पर बलि के लिए स्वस्थ और जवान नर पशुओं को चुना जाता है। याचिका में कहा गया है कि इस प्रथा को खत्म करने के लिए सख्त कानून बनाने के साथ-साथ जनजागरूकता अभियान चलाने और सामाजिक संगठनों के सहयोग से व्यापक कदम उठाने की आवश्यकता है।

    Share:

  • G7 देशों की बैठक में US राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा दावा, बोले-ईरान सरेंडर करने वाला है...

    Sat Mar 14 , 2026
    नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति (US President) डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने हाल ही में जी7 (G7 summit) देशों के नेताओं के साथ एक वर्चुअल बैठक (Virtual Meeting) में यह दावा किया है कि ईरान (Iran) ‘लगभग आत्मसमर्पण करने वाला है’। यह जानकारी एक्सियोस द्वारा शुक्रवार को जी7 देशों के तीन अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved