
इंदौर। मध्य प्रदेश के महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में लंबे समय से बंद पड़े छात्र संघ चुनावों को पुनः प्रारंभ करने की मांग को लेकर इंदौर के छात्रों ने आवाज बुलंद की। “छात्र अधिकार पदयात्रा” के माध्यम से छात्रों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में छात्रों ने कहा कि लोकतंत्र केवल विधानसभा और संसद तक सीमित नहीं होता, बल्कि उसकी जड़ें शैक्षणिक संस्थानों से मजबूत होती हैं। जब कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव नहीं होते, तो युवाओं की आवाज कमजोर पड़ जाती है और उनकी समस्याओं को प्रभावी मंच नहीं मिल पाता।
छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि छात्र संघ चुनाव किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का लोकतांत्रिक और नैतिक अधिकार है। यही वह मंच है, जहां से भविष्य के जनप्रतिनिधि और नेतृत्व तैयार होते हैं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि चुनाव न होने के कारण बढ़ती फीस, मूलभूत सुविधाओं की कमी, सुरक्षा और अन्य छात्र हितों के मुद्दे प्रभावी रूप से नहीं उठ पा रहे हैं। कॉलेज परिसरों का लोकतांत्रिक वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। छात्रों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रदेश में शीघ्र छात्र संघ चुनाव की तिथि घोषित कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पुनः प्रारंभ किया जाए। उनका कहना है कि यह केवल एक मांग नहीं, बल्कि युवाओं के सम्मान, अधिकार और भविष्य का प्रश्न है।छात्र प्रतिनिधि वीरेंद्र गुर्जर दुधिया ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार विद्यार्थियों की आवाज को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक निर्णय करेगी।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved