
लखनऊ । कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत (Congress spokesperson Surendra Rajput) ने एआई इम्पैक्ट समिट में (In AI Impact Summit) यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन (Demonstration by Youth Congress Workers) गलत नहीं था (Was Not Wrong) । उन्होंने कहा कि यूथ कांग्रेस ने जो किया है वह उनका संवैधानिक अधिकार है और हमें कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर गर्व है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान का समर्थन करते हुए सुरेंद्र राजपूत ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा केवल किसी एक समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे समाज, सभी धर्मों और सनातन परंपरा के भी खिलाफ काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज ‘नकली सनातनी’ असली सनातन मानने वालों से प्रमाणपत्र मांग रहे हैं। शंकराचार्य जैसे धार्मिक गुरुओं को निर्देश दिए जा रहे हैं और उनके शिष्यों के साथ मारपीट की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका के फैसले अमेरिका का आंतरिक मामला हैं, लेकिन उनका भारत पर पड़ने वाला प्रभाव भारत के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने अमेरिकी टैरिफ और न्यायिक फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां की न्यायपालिका पूरी तरह स्वतंत्र दिखती है, जबकि भारत में विपक्षी नेताओं के खिलाफ फैसलों पर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गुजरात की अदालत में राहुल गांधी को मानहानि मामले में दो साल की सजा सुनाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण रहा।
अमेरिका की व्यापार नीति और भारत-अमेरिका संबंधों पर टिप्पणी करते हुए सुरेंद्र राजपूत ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ और वैश्विक आर्थिक फैसलों का भारत पर असर पड़ रहा है, लेकिन केंद्र सरकार प्रभावी ढंग से देश के हितों की रक्षा नहीं कर पा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुक गई है। भारत को यह भी तय करना पड़ रहा है कि वह तेल कहां से खरीदे, जो आर्थिक संप्रभुता के लिए चिंताजनक स्थिति है।
धार्मिक मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के बयान पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कानून सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। चाहे लाउडस्पीकर का मुद्दा हो, जुलूसों से सड़कों का जाम होना हो या किसी धार्मिक स्थल से जुड़े विवाद, हर स्थिति में कानून का पालन अनिवार्य होना चाहिए।
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