
नई दिल्ली । देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में (In 29 States and Union Territories of the Country) कमर्शियल सिलेंडरों का वितरण दोबारा शुरू हो गया (Distribution of Commercial Cylinders Resumed) । केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सप्लाई चेन अब सामान्य हो रही है, इसलिए उपभोक्ताओं को घबराकर एडवांस बुकिंग करने की जरूरत नहीं है।
गैस की किल्लत और प्रदूषण की दोहरी मार से निपटने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर की इंडस्ट्रीज, होटल और रेस्टोरेंट को अब एक महीने के लिए नेचुरल गैस के विकल्प के तौर पर रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल पेलेट्स इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है। यह नगर निगम और उद्योगों से निकलने वाले सूखे कचरे (प्लास्टिक, कागज, कपड़ा और लकड़ी) को प्रोसेस करके बनाया गया एक आधुनिक ईंधन है। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने इसे अस्थायी मंजूरी दी है।
सुजाता शर्मा ने मौजूदा ईंधन स्थिति पर जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने फैसला किया है कि कमर्शियल उपभोक्ताओं को भी एलपीजी की आपूर्ति जारी रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि कुछ राज्यों में उद्योगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर सीधे उद्योगों तक पहुंचाए जा रहे हैं। इस फैसले से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों को राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर रेस्तरां और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को।
सुजाता शर्मा ने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद देश में ईंधन की किसी भी तरह की कमी की सूचना नहीं है। उन्होंने लोगों से घबराकर ज्यादा एलपीजी बुकिंग न करने की अपील भी की और कहा कि देश में पर्याप्त एलपीजी उपलब्ध है। उन्होंने दोहराया कि बुकिंग में बढ़ोतरी के बावजूद सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और घरेलू तथा व्यावसायिक दोनों उपभोक्ताओं को एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
सप्लाई बहाल करने के साथ ही सरकार ने अवैध भंडारण और कालाबाजारी करने वालों पर शिकंजा कस दिया है । उत्तर प्रदेश में 1400 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 20 एफआईआर दर्ज हुई हैं और 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कर्नाटक में कमर्शियल इस्तेमाल किए जा रहे 316 घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए हैं। अकेले बेंगलुरु के चिक्काजाला इलाके से 209 सिलेंडर पकड़े गए। तेल कंपनियां: ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने देशभर में अपने 1300 से ज्यादा डिस्ट्रीब्यूटर्स की औचक जांच की है।
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