
नई दिल्ली। जेट इंजन से चलने वाले ड्रोन ‘दिव्यास्त्र एमके3’ ने सफल उड़ान भरी है। कावा यूएवी प्राइवेट लिमिटेड (हॉवरइट) ने इसका सफल परीक्षण किया। कंपनी के मुताबिक, यह अगली पीढ़ी का ड्रोन है, जिसे भारत में ही तैयार किया गया है। कंपनी ने बताया कि ‘दिव्यास्त्र एमके3’ जेट इंजन से चलता है। इसे किसी तय लक्ष्य पर सटीक हमला करने के लिए बनाया गया है। इसकी पूरी तकनीक भारत में ही तैयार की गई है।
इस कंपनी के सह-संस्थापकों ने कहा, यह सिर्फ एक परीक्षण उड़ान नहीं है। यह हमारी क्षमता दिखाने का एलान है। भारत ने बड़े स्तर पर और तेजी से यह साबित किया है कि वह अपने देश के अंदर ही जेट इंजन से चलने वाली सटीक हमला करने वाली प्रणाली को तैयार कर सकता है और उसे उड़ा सकता है। दिव्यास्त्र एमके3 आत्मनिर्भर भारत को जमीन पर उतारने का उदाहरण है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यूएलपीजीएम-वी3 के सफल विकास परीक्षणों के लिए डीआरडीओ, सरकारी रक्षा कंपनियों, रक्षा और उत्पादन से जुड़े साझेदारों और निजी उद्योग को बधाई दी। ये परीक्षण हवा से जमीन पर हमला करने वाले तरीके में टैंक रोधी भूमिका और हवा से हवा में ड्रोन, हेलिकॉप्टर और दूसरे उड़ने वाले लक्ष्यों के खिलाफ किए गए थे। राजनाथ सिंह ने इसे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में हासिल हुई एक रणनीतिक बड़ी उपलब्धि बताया।
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