
नई दिल्ली । कनाडा (Canada) में जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल के दौरान भारत (India) के साथ संबंध बेहद खराब हो गए थे। हालांकि अब दोनों देशों के संबंध एक बार फिर पटरी पर आ गए हैं। इसकी बड़ी वजह अमेरिका (America) की विदेश नीति भी है। अमेरिका लगातार कनाडा पर आक्रामक है और टैरिफ बढ़ाने की धमकी दे रहा है। इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) यह भी दावा कर चुके हैं कि वह कनाडा को 51वां राज्य बनाएंगे। ऐसे में पीएम मार्क कार्नी (PM Mark Carney) भारत के साथ संबंध सुधारने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। वह जल्द ही भारत का दौरा कर सकते हैं। दोनों देशों के संबंधों को लेकर यह दौरा बेहद अहम होने वाला है।
ऊर्जा, यूरेनियम को लेकर हो सकते हैं बड़े समझौते
गणतंत्र दिवस के मौके पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से फोन पर बात की। इस वार्ता में कनाडा के प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर अहम बातचीत हुई। पीएम कार्नी के दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते हो सकते हैं। इसमें ऊर्जा, यूरेनियम और खनिज से जुड़े मसले शामलि होंगे।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, सुबह कानाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ बेहद सकारात्मक वार्ता हुई। दोनों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ाने और संबंधों को मजबूत करने को लेकर चर्चा हुई। जल्द ही दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार और भागीदारी को लेकर औपचारिक वार्ता शुरू होगी। इसपर सहमति बन चुकी है।
कनाडा और भारत के बीच ऊर्जा सहयोग को लेकर वार्ता इसी सप्ताह शुरू होने वाली है। कनाडा के ऊर्जा मंत्री होजीसन गोवा में आयोजित होने वाली एनर्जी वीक में हिस्सा लेंगे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी उनसे मुलाकात करेंगे। दोनों नेता क्रिटिकल मिनरल्स, यूरेनियम और एलएनजी जैसे क्षेत्रों को लेकर व्यापक चर्चा करेंगे। बता दें कि जस्टिन ट्रूडो जिन बेकार के मुद्दों को तूल देकर संबंध खराब कर रहे थे अब उनपर चर्चा नहीं होती है बल्कि कनाडा भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को बढ़ाने का उत्सुक दिखाई देता है। पीएम मार्क कार्नी अकसर कनाडा में हिंदुओं के कार्यक्रमों में भी शिरकत करते नजर आते हैं।
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