
उज्जैन। कम किराया और प्रदूषण मुक्त परिवहन को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित ई-बस सेवा जल्द शुरू होने जा रही है। केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत उज्जैन इंदौर के बीच 5 ई बसें संचालित होगी। इन सभी बसों का संचालन इंदौर से किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि यह योजना करीब तीन साल से अटकी हुई थी। शुरुआत में इसे लेकर बड़े दावे किए गए थे, लेकिन प्रशासनिक प्रक्रियाओं के चलते जमीन पर उतरने में समय लग गया। अधिकारियों के अनुसार, कुछ महीने पहले 26 ई-बसों के संचालन के लिए टेंडर जारी किया गया था। प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइल को अंतिम मंजूरी के लिए भोपाल भेजा गया। अब वहां से स्वीकृति मिल चुकी है। यानी राज्य स्तर से हरी झंडी मिलने के बाद अब बसों की तैनाती, रूट निर्धारण और संचालन की समय सीमा तय की जाएगी। इन प्रक्रियाओं को जल्द पूरा किया जाएगा। योजना के तहत इंदौर से उज्जैन, भोपाल मांडू और एक अन्य शहर के बीच ई-बसें चलाई जाएंगी। उज्जैन-इंदौर रूट सबसे व्यस्त है। इस रूट पर निजी बस ऑपरेटर रोज 50 बसें चला रहा है। इसके अलावा एसी बसों और ट्रेनों के जरिए भी हजारों यात्री यात्रा करते हैं। इसके बावजूद यहां भीड़, किराया और समय की समस्या बनी रहती है। ऐसे में नई सेवा शुरू होने से यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा और इन समस्याओं में कुछ कमी आने की संभावना है।
प्रदूषण कम होने, सस्ती यात्रा का दावा..
इसे शुरू करने के पीछे मुख्य उद्देश्य प्रदूषण कम करना और यात्रियों को सस्ता व सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराना है। साथ ही निजी वाहनों पर निर्भरता घटाने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसें पर्यावरण के लिहाज से बेहतर विकल्प साबित होंगी। शुरुआती चरण में 26 ई-बसों को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर चलाने का प्रस्ताव है। इसके तहत निजी कंपनियों की भागीदारी से बसों का संचालन किया जाएगा। इससे सरकार पर वित्तीय बोझ कम होने की बात कही जा रही है।
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