
मुम्बई। प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate- ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी कानून (Anti-Money Laundering Laws – PMLA) के तहत बड़ी कार्रवाई की है। रिपोर्ट के अनुसार, ईडी ने अनिल अंबानी (Anil Ambani) के मुंबई स्थित घर ‘अबोड’ को जब्त कर लिया है। जब्त घर की कीमत 3,716 करोड़ रुपये बताई जा रही है। ईडी के अनुसार, अनिल अंबानी और उनके ग्रप की कंपनियों के खिलाफ अब तक कुल अटैचमेंट की कार्रवाई 15000 करोड़ से अधिक हो चुकी है। बता दें कि 23 फरवरी को बॉम्बे उच्च न्यायालय ने उद्योगपति अनिल अंबानी को झटका देते हुए एकल न्यायाधीश पीठ के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें उनके एवं रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के बैंक खातों को ‘धोखाधड़ी’ वाला वर्गीकृत करने की कार्यवाही पर रोक लगाई गई थी।
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम ए अंखड की खंडपीठ ने बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीबीआई बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और ऑडिटर बीडीओ इंडिया एलएलपी की याचिका पर पारित किया। पीठ ने ‘उल्टे’ और ‘गैर-कानूनी’ अंतरिम आदेश को रद्द कर दिया और अंबानी की इसके अभियान पर रोक लगाने के निवेदन को भी ठुकरा दिया।
पीठ ने कहा, “जैसा कि हम पहले ही सुन चुके हैं कि 24 दिसंबर, 2025 का अंतरिम फैसला गैर-कानूनी है और इस प्रक्रिया में गड़बड़ी है इसलिए अगले कुछ सप्ताह के लिए इस आदेश के लागू होने पर रोक लगाने का निवेदन गैर-कानूनी आदेश को जारी रखने और गैर-कानूनी काम को जारी रखने के बराबर होगी। इसलिए अनिल अंबानी की तरफ से इस फैसले के लागू होने पर रोक लगाने के निवेदन को खारिज किया जाता है।”
दिसंबर 2025 में जब अनिल अंबानी के खिलाफ मामला विचाराधीन था, न्यायमूर्ति मिलिंद एन जाधव की एकल न्यायाधीश पीठ ने उनको कुछ समय के लिए राहत दी। इस आदेश ने तीनों बैंकों की सभी कार्रवाइयों पर रोक लगा दी और उन्हें कारण बताओ नोटिस और धोखाधड़ी आदेश पर आगे बढ़ने से रोक दिया, जिससे उन्हें दो-जजों की पीठ के सामने अपील करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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