नई दिल्ली। मेक्सिको की सरकार (Mexico Govt.) ने एक बड़े सैन्य अभियान में दुनिया के सबसे वांछित ड्रग सरगनाओं में शामिल नेमेसियो ओसेगुएरा रुबेन सर्वेंट्स (Nemesio Oseguera Cervantes) उर्फ ‘एल मेंचो’ को मार गिराने का दावा किया है। वह कुख्यात एल मेंचो जालिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (Jalisco New Generation Cartel) (CJNG) का प्रमुख था, जिसे वैश्विक स्तर पर सबसे हिंसक आपराधिक संगठनों में गिना जाता है।
अमेरिका ने उस पर करीब 1.5 करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया हुआ था। यह कार्रवाई जालिस्को राज्य के तपालपा इलाके में की गई—वही क्षेत्र जहां से उसने अपने आपराधिक नेटवर्क की शुरुआत की थी।
सालों से सुरक्षा एजेंसियों को चकमा दे रहे एल मेंचो तक पहुंचने के लिए खुफिया एजेंसियों ने उसकी करीबी महिला सहयोगी की गतिविधियों पर नजर रखी।
जांच के दौरान उसके एक विश्वसनीय संपर्क को ट्रैक किया गया, जिसने उसे पहाड़ी क्षेत्र के एक सुरक्षित परिसर तक पहुंचाया। महिला के वहां से निकलते ही सेना को यकीन हो गया कि एल मेंचो अंदर छिपा है। इसके बाद तड़के पूरे इलाके की घेराबंदी कर विशेष अभियान शुरू किया गया।
मुठभेड़ में भारी गोलीबारी
सुरक्षा बलों के पहुंचते ही कार्टेल के गुर्गों ने अंधाधुंध फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में एल मेंचो गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए Mexico City ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मुठभेड़ में कार्टेल के 9 सदस्य मारे गए, जबकि दो को गिरफ्तार किया गया। सैन्य बलों ने मौके से बख्तरबंद वाहन, रॉकेट लॉन्चर और बड़ी मात्रा में आधुनिक हथियार बरामद किए।
राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया
मेक्सिको की राष्ट्रपति Claudia Sheinbaum ने अभियान को बड़ी सफलता बताते हुए सेना की सराहना की और नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की।
मौत के बाद कई शहरों में हिंसा
एल मेंचो की मौत की खबर फैलते ही कार्टेल समर्थकों ने कई इलाकों में हिंसक प्रतिक्रिया दी।
सड़कों पर गाड़ियां जलाकर रोडब्लॉक बनाए गए।
पर्यटन शहर Puerto Vallarta के ऊपर धुएं के गुबार देखे गए, जबकि Guadalajara में भी आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। सुरक्षा कारणों से कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और विदेशी नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।
अमेरिकी दबाव और खुफिया सहयोग
यह ऑपरेशन ऐसे समय हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump मेक्सिको पर ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का दबाव बना रहे थे।
हालांकि अभियान मेक्सिको ने ही चलाया, लेकिन अमेरिकी एजेंसियों—विशेषकर Drug Enforcement Administration (DEA)—ने महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी साझा की।
अमेरिकी प्रशासन ने एल मेंचो को फेंटानिल तस्करी का बड़ा नेटवर्क संचालित करने वाला मुख्य अपराधी बताया।
कितना खतरनाक था CJNG नेटवर्क?
एल मेंचो 1990 के दशक में अमेरिका में ड्रग तस्करी के मामले में जेल काट चुका था। रिहाई के बाद उसने CJNG की स्थापना कर इसे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में बदल दिया। यह कार्टेल ड्रोन से हमले, बारूदी सुरंग और सैन्य स्तर के हथियार इस्तेमाल करने के लिए कुख्यात रहा। 2015 में इस गिरोह ने सेना का हेलिकॉप्टर गिरा दिया था। 2020 में शीर्ष पुलिस अधिकारियों पर हमले की जिम्मेदारी भी इसी संगठन पर डाली गई।
एल मेंचो की मौत मेक्सिको के ड्रग युद्ध में बड़ी सफलता मानी जा रही है, लेकिन उसके बाद भड़की हिंसा यह संकेत देती है कि कार्टेल नेटवर्क अब भी मजबूत है और क्षेत्र में अस्थिरता का खतरा बना हुआ है।
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