
इंदौर। वर्ष 2016-17 से निर्वाचन कार्यालय में आउटसोर्स आधार पर कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार से पांच दिवसीय सामूहिक कामबंद हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से पूरी मेहनत और लगन के साथ कार्य कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें न तो समय पर वेतन मिल रहा है और न ही अतिरिक्त कार्य का भुगतान किया जा रहा है। हड़ताल के चलते वर्तमान में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
निर्वाचन कार्यालय में डाटा एंट्री और कम्प्यूटर से जुड़े अधिकांश कार्य आउटसोर्स कम्प्यूटर ऑपरेटरों द्वारा ही किए जाते हैं। इंदौर जिले में लगभग 50 कर्मचारी विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में पदस्थ हैं। कर्मचारियों की हड़ताल से एसआईआर सहित अन्य तकनीकी कार्यों के ठप होने की स्थिति बन गई है। कर्मचारियों के अनुसार 28 अक्टूबर के बाद से लगातार शनिवार, रविवार और अवकाश के दिनों में भी उनसे दिन-रात काम लिया गया। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत लगातार अतिरिक्त कार्य कराने के बावजूद ओवरटाइम या किसी प्रकार का अतिरिक्त मानदेय नहीं दिया गया। इससे कर्मचारी मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं और पारिवारिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है।
आर्थिक संकट गहरा रहा
आउटसोर्स कर्मचारियों का सबसे बड़ा मुद्दा अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 तक का 11 माह का एरियर है, जो अब तक लंबित है। इस संबंध में हाईकोर्ट द्वारा भुगतान के निर्देश भी दिए जा चुके हैं, लेकिन न तो आउटसोर्स कंपनी ने राशि का भुगतान किया और न ही निर्वाचन कार्यालय स्तर पर कोई ठोस पहल की गई। कर्मचारियों का आरोप है कि प्रतिमाह वेतन भी तय समय पर नहीं दिया जाता, जिससे आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।
यह है कर्मचारियों की मांग
हड़ताल पर गए कर्मचारियों ने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें हाईकोर्ट के निर्देशानुसार 11 माह के एरियर का शीघ्र भुगतान, कार्यालय समय के अतिरिक्त कार्य का ओवरटाइम भुगतान, प्रतिमाह वेतन का समय पर भुगतान, फर्म को हटाकर मानदेय का सीधा भुगतान और शैक्षणिक योग्यता, कार्य अनुभव एवं वरिष्ठता के आधार पर संविदा अथवा नियमितीकरण का लाभ शामिल हंै।
पूरे प्रदेश के कर्मचारियों को नहीं मिल रहा हक का वेतन
कम्प्यूटर ऑपरेटर अर्पित ने बताया कि यह समस्या केवल इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के कई जिलों में निर्वाचन कार्यालयों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी वेतन विसंगतियों से जूझ रहे हैं। जानकारी के अनुसार बुधवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से कर्मचारी भोपाल पहुंचकर राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से अपनी मांगों को लेकर मुलाकात करेंगे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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