
जबलपुर। अध्यापक/शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाया है। मोर्चा ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त करने और सेवा अवधि की गणना पहली नियुक्ति तिथि से करने की मांग की है। संयुक्त मोर्चा के अनुसार नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन की अधिसूचना और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के तहत कई वर्गों के शिक्षकों को टीईटी से छूट मिली हुई है। इसके बाद भी विभागीय आदेशों के जरिए नॉन-ञ्जश्वञ्ज शिक्षकों पर परीक्षा अनिवार्य करना नियमों के विपरीत है।
11 को ब्लॉक और 18 को भोपाल में रैली
आंदोलनरत शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 11 अप्रैल को ब्लॉक स्तर पर व्यापक प्रदर्शन किए जाएंगे तथा 18 अप्रैल को राजधानी भोपाल के दशहरा मैदान में विशाल आंदोलन आयोजित किया जाएगा। यह आंदोलन शिक्षकों की एकजुटता, अधिकारों की रक्षा और सम्मान की लड़ाई का प्रतीक बनकर उभरा है। जबलपुर से उठी यह आवाज अब पूरे प्रदेश में प्रभाव डालने को तैयार है। इस प्रदर्शन को सफल करने में अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के नरेंद्र त्रिपाठी, दीपक पटेल, शिवकुमार चौबे, संध्या अवस्थी, अजय सिंह, अजय रजक, जगत पटेल, महेंद्र देवासी, रत्नेश मिश्रा, देवेंद्र राजपूत, मुकेश सिंह, कमलेश पटेल, निशा पाठक, विश्वदीप पटेरिया, मनमोहन राय, अजय खरे, राजकुमार साहू, सीमा सिंह सहित हजारों शिक्षक साथी मौजूद रहे।
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