
इंदौर। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग (Police Department) ने मिलकर राजबाड़ा क्षेत्र के यातायात को बेहतर बनाने के लिए सिटी बस पर रोक लगा दी है। राजबाड़ा क्षेत्र में सबसे ज्यादा समस्या ई-रिक्शा के कारण पैदा होती है, लेकिन उसे नियंत्रित करने में नाकाम होने पर सिटी बस को नियंत्रित करने का काम शुरू कर दिया गया है।
इस समय शहर में लोक परिवहन का सबसे बड़ा साधन सिटी बस ही है। इंदौर नगर निगम द्वारा दिव्यांगों, बुजुर्गों और विद्यार्थियों को मात्र 200 प्रतिमाह में सिटी बस के माध्यम से सफर करने की सुविधा दी गई है। शहर के सभी क्षेत्रों से कम किराए में अच्छी कनेक्टिविटी होने के कारण हर दिन हजारों लोग सिटी बस के माध्यम से सफर करते हैं। अब जिला प्रशासन और यातायात पुलिस ने मिलकर राजबाड़ा पर सिटी बस के आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस प्रतिबंध के कारण हजारों लोग हर दिन परेशान हो रहे हैं। अब सिटी बस कृष्णपुरा पुल के आगे जाकर खड़ी होती है।
वहां बड़ा स्थान नहीं होने के कारण बसों के खड़े होने से यातायात में बाधा पैदा होती है। इसके साथ ही इस नए स्थान से सिटी बस की सवारी में भी बहुत कमी आ रही है। इस बारे में जब सिटी बस कंपनी के अधिकारियों से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि राजबाड़ा क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा फैसला लेकर सिटी बस पर प्रतिबंध लगाया गया है। ध्यान रहे कि राजबाड़ा पर आने वाली ई-रिक्शा पर प्रतिबंध लगाने का फैसला पहले भी कई बार हो चुका है, लेकिन उस पर अब तक प्रतिबंध नहीं लग सका। ऐसे में सबसे ज्यादा यात्रियों को लाने और ले जाने का काम करने वाली सिटी बस को प्रतिबंधित कर लोगों को परेशानी में डाल दिया गया है। अब गर्मी का मौसम होने के कारण लोगों को बस ढूंढने के लिए लंबा पैदल चलना पड़ता है। इसमें भी खासतौर पर बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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