
इन्दौर। ग्लोबल साउथ यंग डिप्लोमेट्स फोरम के 43 डेलीगेट इन दिनों इंदौर भ्रमण पर हैं। कल सभी सदस्य इंदौर की ऐतिहासिक इमारतों राजबाड़ा और लालबाग के भ्रमण के लिए पहुंचे थे। उन्होंने लालबाग के यूरोपियन आर्किटेक्चर को सराहा। कल ही सभी डेलीगेट उज्जैन महाकाल के दर्शन के लिए भी गए थे।
डेलीगेट्स का 21 से 23 फरवरी तक यह दौरा सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान, विदेश मंत्रालय, नई दिल्ली के अधीन हो रहा है। कल दोनों ऐतिहासिक इमारतों पर पहुंचे विदेशी मेहमानों ने राजबाड़ा के इतिहास को जाना और समझा, लेकिन लालबाग के यूरोपियन आर्किटेक्चर से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। उन्होंने इस बात का जिक्र लालबाग की विजिटर बुक में भी किया।
सहायक संग्रहाध्यक्ष आशुतोष महाशब्दे ने बताया कि दोनों स्थानों पर डेलीगेट्स ने करीब डेढ़-डेढ़ घंटे का समय बिताया। यहां दोनों इमारतों के निर्माण से लेकर अब तक की जानकारी डेलीगेट्स को दी गई। डेलीगेशन में अर्जंेटिना, नाईजीरिया, इजिप्ट, तजाकिस्तान, फिलीपींस, कजाकिस्तान, जमैका, साउथ सुडान, जाम्बिया सहित अन्य देशों के प्रतिनिधि शामिल थे। इजिप्ट से आए मेहमान ने विजिटर बुक में ‘लॉन्ग लिव इंडिया, चक दे इंडिया’ लिखा, तो कोस्टा रीका से आए मेहमान ने लालबाग में चल रहे कंजर्वेशन के काम की तारीफ की। वे इस बात से प्रभावित थे कि भारत में यूरोपियन आर्किटेक्चर पर उस समय इतनी बारीकी से काम किया गया।
99.9 फीसदी यूरोपियन आर्किटेक्चर पर बेस्ड
लालबाग पैलेस शहर की उन इमारतों में शामिल है, जो ऐतिहासिक है। इसकी देखरेख फिलहाल राज्य पुरातत्व विभाग के जिम्मे है। इसका निर्माण 1854 में होना शुरू हुआ था और 1920 तक इसका निर्माण चला था। इमारत 99.9 फीसदी यूरोपियन आर्किटेक्चर पर बेस्ड है। बताते हैं कि इस पैलेस में लगा इटालियन मार्बल भी उस समय वहीं से मंगवाया गया था। आज भी उसकी चमक उसी तरह बरकरार है, जैसे तब थी। फिलहाल यहां कई बाहरी से लेकर आंतरिक सौंदर्यीकरण और संरक्षण के काम चल रहे हैं।
ग्लोबल साउथ यंग डिप्लोमेट्स फोरम के बारे में
ग्लोबल साउथ यंग डिप्लोमेट्स फोरम (जीएसवाईडीएफ) का शुभारंभ सुषमा स्वराज इंस्टिट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस (एसएसआईएफएस) द्वारा नवंबर 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ग्लोबल साउथ की आवाज में तालमेल लाने के दृष्टिकोण के अनुरूप किया गया था। इस फोरम का उद्देश्य वैश्विक दक्षिण के लिए महत्वपूर्ण विषयों और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर प्रतिभागियों के बीच विचार-विमर्श और ज्ञान साझा करना है।
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