
रामगढ़। झारखंड (Jharkhand) के रामगढ़ जिले में एक अवैध खदान (Illegal mine) में दम घुटने से चार मजदूरों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि इस खदान में अवैध रूप से खनन का काम किया जा रहा था। इसी दौरान ऑक्सीजन की कमी से दम घुटने की वजह से चार मजदूरों की मौत हो गई। फिलहाल पुलिस की टीम मामले की जांच कर रही है। वहीं इस हादसे को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार पर निशाना साधा। भाजपा ने सीएम हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने हाल ही में खनन विभाग की समीक्षा की थी, लेकिन अवैध खनन पर रोक नहीं लग रहा है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
40 फुट गहरी खदान में चल रहा था काम
दरअसल, पुलिस ने बताया कि शनिवार को झारखंड के रामगढ़ जिले में अवैध खदान में काम कर रहे चार मजदूरों की मौत हो गई। यह खदान 40 फुट गहरी थी और इसमें खनन का काम किया जा रहा था। इसी दौरान दम घुटने से चारों की मौत हुई है। घटना रामगढ़ पुलिस थाना क्षेत्र के अरगाड़ा के पास वन क्षेत्र की है। रामगढ़ पुलिस थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे ने बताया कि चारों शव खदान से बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। उन्होंने कहा, “प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि खदान के अंदर ऑक्सीजन की कमी के कारण उनकी मृत्यु हुई है। घटना की जांच की जा रही है।”
दम घुटने से हुई मौत
पुलिस के मुताबिक मृतकों की पहचान हजारीबाग जिले के गिद्दी थाना क्षेत्र के छोटकी टोंगी गांव निवासी देवा बेदिया (30), डब्लू बेदिया (36), रामगढ़ जिले के बुध बाजार के निवासी किशोर रवानी (33) और आशीष कुमार नटवर के रूप में हुई है। वहीं सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के अरगाडा क्षेत्र के महाप्रबंधक सत्यजीत कुमार ने बताया कि घटना स्थल सीसीएल के कमांड क्षेत्र से बाहर है। उन्होंने कहा कि सीसीएल लीज क्षेत्र के बाहर वन भूमि में स्थित लगभग 40 फीट गहरे अवैध खदान में ऑक्सीजन की कमी के कारण चार ग्रामीण बेहोश हो गए। उन्हें रामगढ़ के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
भाजपा ने सरकार पर साधा निशाना
इस घटना को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाल ही में खनन विभाग की समीक्षा की थी और अवैध खनन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए थे। उन्होंने कहा, “इससे पहले भी मुख्यमंत्री और डीजीपी अवैध खनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात बार-बार कर चुके हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री के निर्देश का राज्य में कहीं भी कोई असर नहीं दिख रहा है और माफिया अपना दबदबा कायम रखे हुए हैं।” उन्होंने जिला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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