
डेस्क: ईरान ने संकेत दिया है कि वह जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए नियम लागू कर सकता है. चीन में आयोजित वर्ल्ड पीस फोरम में ईरान के राजदूत अब्दोलरेज़ा रहमानी फज़ली ने कहा कि ईरान और ओमान मिलकर इस अहम समुद्री रास्ते के लिए नई व्यवस्था तैयार कर रहे हैं. इसके तहत जहाजों से सर्विस फीस लिया जाएगा, जहाजों की आवाजाही पर नजर रखी जाएगी और समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाएगा.
फज़ली ने कहा कि ईरान जहाजों से सर्विस फीस जरूर वसूलेगा, लेकिन इसे टोल टैक्स नहीं कहा जाना चाहिए. उनके मुताबिक यह शुल्क समुद्री सेवाओं और निगरानी की व्यवस्था के लिए होगा. उन्होंने यह भी कहा कि जिन देशों ने मुश्किल समय में ईरान का साथ दिया, उन्हें इस नई व्यवस्था में विशेष रियायत या अलग तरह का व्यवहार मिल सकता है. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि किन देशों को यह सुविधा मिलेगी.
उधर, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि तनाव के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी समुद्री मार्ग अभी भी खुला है और जहाज लगातार वहां से गुजर रहे हैं. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के दिनों में इस रास्ते से करीब 50 जहाज गुजर चुके हैं. अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि ज्यादातर जहाज अपनी इलेक्ट्रॉनिक पहचान प्रणाली (AIS) बंद करके यात्रा कर रहे हैं. ऐसा करने से उनकी लोकेशन सार्वजनिक ट्रैकिंग सिस्टम पर दिखाई नहीं देती और उनकी निगरानी करना मुश्किल हो जाता है.
एक अमेरिकी अधिकारी का आरोप है कि ईरानी सुरक्षा बल VHF रेडियो के जरिए जहाजों से संपर्क कर उन्हें डराने या दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि इन दावों के बावजूद जहाजों की आवाजाही जारी है और समुद्री यातायात पूरी तरह प्रभावित नहीं हुआ है.
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने कहा है कि वह अपने मारे गए नेताओं और सैनिकों के रास्ते पर आगे भी चलती रहेगी. IRGC ने कहा कि वह होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा करती रहेगी, अमेरिका और इजराइल से बदला लेने का अपना संकल्प नहीं छोड़ेगी. संगठन का कहना है कि उसके नए नेतृत्व में यह अभियान पहले की तरह जारी रहेगा.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved