
नई दिल्ली । 102 करोड़ रुपये से अधिक के सोना (Gold) तस्करी मामले में (Enforcement Directorate )ने बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व अभिनेत्री और मॉडल (Harshavardhini Ranya) उर्फ रान्या राव के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। यह चार्जशीट बेंगलुरु की विशेष अदालत (Court) में दाखिल की गई है और इसमें अन्य आरोपियों (Accused) के नाम भी शामिल हैं।
ईडी के अनुसार यह मामला बड़े पैमाने पर सोने की तस्करी और उससे जुड़े धन शोधन नेटवर्क से संबंधित है। इस प्रकरण में तरुण कोंडुरु और साहिल सकारिया जैन को भी आरोपी बनाया गया है। एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत अभियोजन शिकायत दर्ज की है।
जांच की शुरुआत Directorate of Revenue Intelligence द्वारा दर्ज की गई शिकायत के बाद हुई। इसके आधार पर Central Bureau of Investigation ने भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी। उसी एफआईआर को आधार बनाकर Enforcement Directorate ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की।
मामला 3 मार्च 2025 का है जब बेंगलुरु के Kempegowda International Airport पर रान्या राव को पकड़ा गया। उनके पास से लगभग 14.213 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना बरामद किया गया जिसकी कीमत करीब 12.56 करोड़ रुपये आंकी गई। यह बरामदगी इस पूरे नेटवर्क के खुलासे की शुरुआत साबित हुई।
इसके बाद की तलाशी कार्रवाई में अधिकारियों ने 2.06 करोड़ रुपये की सोने की ज्वेलरी और 2.67 करोड़ रुपये की भारतीय मुद्रा भी जब्त की। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह सिर्फ एक खेप नहीं थी बल्कि एक संगठित रैकेट का हिस्सा था जो लंबे समय से सक्रिय था।
ईडी की रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच कुल 127.287 किलोग्राम सोना भारत में अवैध रूप से लाया गया जिसकी अनुमानित कीमत 102.55 करोड़ रुपये है। यह सोना विभिन्न माध्यमों से तस्करी कर देश में खपाया गया और उससे अर्जित धन को वैध दिखाने की कोशिश की गई।
इससे पहले डीआरआई ने कस्टम अधिनियम की धारा 135 के तहत भी अभियोजन शिकायत दर्ज की थी। अब ईडी की चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामला कानूनी रूप से और गंभीर हो गया है। विशेष अदालत में आगे की सुनवाई में आरोप तय किए जाने और ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी नेटवर्क किस तरह संगठित तरीके से काम करते हैं और जांच एजेंसियां किस तरह विभिन्न कानूनों के तहत समन्वित कार्रवाई कर रही हैं। आने वाले समय में अदालत की कार्यवाही इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करेगी।
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