
वाशिंगटन । पूरी दुनिया (Whole World) के बाजारों में इस वक्त हलचल मची हुई है. कहीं वॉरकी वजह से टेंशन के हालात हैं तो कहीं ट्रेड को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. लेकिन इन सबके बीच भारत (India) के लिए एक साथ दो ऐसी खबरें आई हैं, जो बताती हैं कि आने वाला समय हमारा है. संयुक्त राष्ट्र (United Nations-UN) और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India-SBI) दोनों ने अपनी ताजा रिपोर्ट्स में माना है कि साल 2026 में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा। जब दुनिया के बाकी देश अपनी रफ्तार बचाने के लिए संघर्ष कर रहे होंगे, तब भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से दौड़ रहा होगा।
संयुक्त राष्ट्र की ‘विश्व आर्थिक स्थिति और संभावनाएं 2026’ रिपोर्ट में भारत को लेकर बहुत पॉजिटिव बात कही गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 में जब पूरी दुनिया की विकास दर महज 2.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है, तब भारत 6.6 प्रतिशत की दमदार रफ्तार से आगे बढ़ेगा। यूएन का कहना है कि भारत की घरेलू मांग इतनी मजबूत है कि दुनिया में होने वाली किसी भी उथल-पुथल का इस पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा. भले ही वैश्विक स्तर पर व्यापार करने के तरीके बदल रहे हों, लेकिन भारत अपनी मजबूती बनाए रखने में कामयाब रहेगा।
यूएन के बाद देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई (SBI) ने तो भारत की तरक्की को लेकर और भी बड़ा अनुमान लगाया है. एसबीआई की रिपोर्ट कहती है कि भारत की जीडीपी साल 2025-26 में 7.5 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ सकती है. यह सरकार और आरबीआई के अनुमानों से भी थोड़ा ज्यादा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत का काम-काज और टैक्स कलेक्शन इतना अच्छा है कि घाटे की चिंता कम है. एसबीआई का मानना है कि भारत की आर्थिक नींव इतनी मजबूत हो चुकी है कि वह हर चुनौती को पार करने के लिए तैयार है.
दुनिया में मंदी का खतरा, भारत क्यों है सुरक्षित?
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि दुनिया की अर्थव्यवस्था लंबे समय तक सुस्त रह सकती है. अमेरिका जैसे देशों में व्यापार नियमों में बदलाव और भू-राजनीतिक तनाव ने माहौल को थोड़ा खराब किया है. महंगाई के कारण दुनिया भर के परिवारों का बजट बिगड़ा हुआ है. लेकिन भारत के मामले में कहानी अलग है. भारत एकमात्र ऐसी प्रमुख अर्थव्यवस्था होगी जो 6 प्रतिशत से ज्यादा की ग्रोथ रेट हासिल करेगी. भारत सरकार का भी अनुमान यही कहता है कि चालू वित्त वर्ष में जीडीपी 7.4 प्रतिशत की रफ्तार से आगे बढ़ेगी.
आम आदमी पर क्या होगा असर?
जब देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ती है, तो इसका सीधा असर आम लोगों के जीवन पर पड़ता है. इससे नए रोजगार के अवसर पैदा होते हैं और लोगों की आमदनी बढ़ने का रास्ता साफ होता है. भले ही दुनिया भर में सप्लाई चेन बिगड़ने का खतरा हो या महंगाई का दबाव हो, भारत की मजबूत ग्रोथ यह भरोसा दिलाती है कि हमारा बाजार सुरक्षित है. सरकार के नए आंकड़ों से भी साफ है कि भारत आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सही कदम बढ़ा रहा है, जिससे आने वाले समय में अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.
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