
जयपुर । राज्यपाल हरिभाऊ बागडे (Governor Haribhau Bagde) ने भारतीय सेना के शौर्य प्रदर्शन की सराहना की (Praised the Bravery displayed by the Indian Army) । राज्यपाल बागडे ने गुरुवार को 78 वीं सेना दिवस परेड के अंतर्गत भारतीय सेना का शौर्य प्रदर्शन देखा।
राज्यपाल ने अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान की परंपरा से जुड़ी भारतीय सेना के प्रदर्शन की सराहना करते हुए सेना के जवानों, अधिकारियों पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके परिवारजनों को आर्मी डे की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। राज्यपाल बागडे ने ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना द्वारा दुश्मन देश के लिए की गई कार्यवाही की भी विशेष रूप से सराहना की तथा कहा कि विश्व की श्रेष्ठ सेनाओं में से एक भारतीय सेना पर हर भारतीय को गर्व है। उन्होंने आर्मी डे के शौर्य प्रदर्शन के दौरान सेना अधिकारियों, सैनिकों और उनके परिजनों की हौसला अफजाई की। उन्होंने जगतपुरा के महल रोड पर हुई 3 किलोमीटर लंबी परेड में 7 रेजिमेंटों की टुकड़ियों के शौर्य प्रदर्शन और अत्याधुनिक हथियारों और सैन्य टुकड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की।
भारतीय सेना ने 78वां सेना दिवस गुरुवार को जयपुर के जगतपुरा स्थित महल रोड पर पूरे सैन्य गौरव व अनुशासन के साथ मनाया। यह चौथी बार है जब सेना दिवस परेड दिल्ली के बाहर आयोजित हुई और पहली बार किसी असैन्य क्षेत्र में आयोजित की गई। राजस्थान को पहली बार इस ऐतिहासिक आयोजन की मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ। सैन्य उत्कृष्टता, गौरवशाली परंपराओं और राष्ट्रीय गौरव के भव्य एवं ऐतिहासिक प्रदर्शन को देखने के लिए राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मिजोरम के राज्यपाल जनरल (रि.) वीके सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, सप्तशक्ति कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह सहित अनेक सैन्य व नागरिक गणमान्य जनउपस्थित रहे।
थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। दक्षिण पश्चिम कमान के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल हरविंदर सिंह ने भव्य परेड का नेतृत्व किया। सेना दिवस परेड में भारतीय सेना ने अपने शौर्य, साहस और अजेय शक्ति का प्रदर्शन किया। स्वदेशी सैन्य क्षमता, आधुनिक आयुध और उभरती तकनीक को देखकर विशिष्ट से लेकर आमजन तक कोई भी प्रशंसा किए बिना नहीं रह सका। इस वर्ष की थीम ‘भारतीय सेना-शौर्य और बलिदान’ रखी गई। परेड में परमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र एवं वीर चक्र विजेता भी विशेष मेहमान के रूप में शामिल हुए। स्वदेशी ब्रह्मोस मिसाइल, भीष्म एवं अर्जुन टैंक, के-9 वज्र तोप, बीएमपी वाहन, 155 एमएम अमोघ, नामिस (नाग मिसाइल सिस्टम), पिनाका रॉकेट लॉन्चर सिस्टम, शिल्का हथियार प्रणाली, ड्रोन शक्ति, ड्रोन जैमर तकनीक, इलेक्ट्रिक ऑल टैरेन व्हीकल का प्रदर्शन आकर्षण का विशेष केंद्र रहा। नव गठित भैरव बटालियन सहित भारतीय सेना की 7 रेजीमेंट की टुकड़ियों ने मार्च पास्ट किया।
अभिनव सैन्य प्रणालियों में रोबोटिक म्यूल, स्वाथी वेपन लोकेटिंग राडार, मॉड्युलर ब्रिजिंग सिस्टम, मल्टी बैरल रॉकेट सिस्टम, वाहन आधारित इन्फेंट्री मोर्टार सिस्टम, ड्रोन जैमर सिस्टम, मोबाइल कम्युनिकेशन नोड तथा अजय केतु ऑल-टेरेन व्हीकल जैसी अत्याधुनिक प्रणालियां प्रदर्शित की गईं।भारतीय सेना के विभिन्न बैंड्स के साथ-साथ नेपाल आर्मी बैंड की भागीदारी ने भारत-नेपाल के विशेष सैन्य संबंधों को रेखांकित किया।महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करने के लिए गर्ल्स एनसीसी टुकड़ी ने भी मार्च पास्ट किया। परेड से पहले ऑपरेशन ‘सिंदूर’ एवं अन्य अभियानों में अदम्य साहस और वीरता के लिए शूरवीरों सूबेदार मेजर पवन कुमार, हवलदार सुनील कुमार सिंह, लांस नायक दिनेश कुमार, लांस नायक सुभाष कुमार और लांस नायक प्रदीप कुमार को मरणोपरांत ‘सेना मेडल (गैलेंट्री)’ से सम्मानित किया गया।
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