
इंदौर। शहर के सैकड़ों इलाकों में स्ट्रीट लाइटें नहीं होने के कारण लोग परेशान हो रहे हैं और इसकी शिकायतें हेल्पलाइनों पर भी पहुंच रही हैं। निगम ने 15 हजार स्ट्रीट लाइटों के लिए ग्वालियर की एक फर्म काम सौंपा था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद काम शुुरू नहीं हो पाया है।
नगर निगम अपने स्तर पर स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव करता है और पूर्व में कई कम्पनियों के जिम्मे यह काम रहता था, लेकिन बीते कुछ सालों से यह व्यवस्था बदल दी गई। शहर के कई स्थानों और चौराहों पर एलईडी और सेंटर लाइट लगाने के मामले लगातार उलझन में पड़े हुए हैं। 15 हजार से ज्यादा स्थानों पर नई एलईडी फिटिंग होना थी, जिसके लिए तीन से चार बार टेंडर जारी किए गए। बमुश्किल ग्वालियर एक फर्म स्टार वल्र्ड ने इसका ठेका लिया, लेकिन पिछले कई महीनों से काम ही शुरू नहीं हो पाया है।
नगर निगम ने फर्म को तीन से चार बार नोटिस भेजकर काम शुरू करने को कहा है, लेकिन कई दिक्कतों के चलते मामला उलझन में पड़ा हुआ है। शहर में डेढ़ लाख से ज्यादा स्ट्रीट लाइटें हैं, जिनके रखरखाव का काम कुछ वार्डों में कंपनियां संभालती हैं तो अधिकांश हिस्संो में निगम विद्युत यांत्रिकी विभाग संभालता है। हर रोज 200 से 300 शिकायतों अलग-अलग क्षेत्रों में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को लेकर आती है, लेकिन उन शिकायतों का निराकरण भी समय पर नहीं हो पाता है, क्योंकि निगम के पास संसाधनों के साथ-साथ टीमों की भी कमी है। बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों के सुधार कार्य के लिए चुनिंदा कर्मचारियों की 8 से 10 टीमें निकलती हैं और कई शिकायतों का निराकरण नहीं हो पाता, जिसके चलते शिकायतें ऊपरी लेवल तक पहुंच रही हैं।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved