
नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में बुधवार को आवारा कुत्तों (Stray Dogs) के गंभीर मुद्दे पर चल रही सुनवाई के दौरान एक दिलचस्प मामला देखने को मिला। जस्टिस विक्रम नाथ (Justice Vikram Nath) की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ के सामने पशु प्रेमी, पीड़ित और विशेषज्ञ अपनी राय रख रहे थे। इसी दौरान एक महिला ने अनजाने में कोर्ट के कड़े प्रोटोकॉल को तोड़ दिया, जिस पर जजों ने बहुत ही उदार प्रतिक्रिया दी। सुनवाई के दौरान एक महिला ने जजों के हस्तक्षेप और इस मुद्दे पर ध्यान देने के लिए पीठ का शुक्रिया अदा किया। अपनी बात कहते हुए उन्होंने बेंच को “You Guys” (आप लोग) कहकर संबोधित कर दिया।
अदालत की गरिमा और तय प्रोटोकॉल के अनुसार, जजों को ‘मिलॉर्ड’, ‘योर लॉर्डशिप’ या ‘योर ऑनर’ कहकर संबोधित किया जाता है। महिला के मुंह से “You Guys” सुनते ही वहां मौजूद वकील हैरान रह गए।
वकीलों ने टोका, जज ने संभाला
महिला के इस संबोधन पर कुछ वकीलों ने तुरंत फुसफुसाते हुए उन्हें टोका और बताया कि कोर्ट रूम में बोलने का एक खास प्रोटोकॉल होता है और जजों को इस तरह संबोधित नहीं किया जाता। अपनी गलती का एहसास होते ही महिला ने तुरंत माफी मांगी और कहा कि उन्हें इस नियम की जानकारी नहीं थी। हालांकि, जस्टिस विक्रम नाथ ने इस स्थिति को बहुत ही सहजता से संभाला। उन्होंने महिला को सांत्वना देते हुए कहा कि “कोई बात नहीं, यह ठीक है” और बिना किसी औपचारिकता में उलझे कार्यवाही को आगे बढ़ाया।
चर्चा में रहा जस्टिस का व्यवहार
सुप्रीम कोर्ट में अक्सर प्रोटोकॉल को लेकर बहुत सख्ती देखी जाती है, लेकिन जस्टिस विक्रम नाथ के इस व्यवहार की सराहना हो रही है। उन्होंने साबित किया कि न्याय की प्रक्रिया में शब्दों की तकनीकी बारीकियों से ज्यादा महत्वपूर्ण आम आदमी की बात सुनना है।
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