
नई दिल्ली। यमन के ईरान (Iran in Yemen) समर्थित हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) ने मक्का और मदीना (Mecca and Medina) को निशाना बनाकर मिसाइल हमले (Missile Attacks) करने की खबरों से इनकार किया है। समूह का कहना है कि उसके सैन्य अभियानों का लक्ष्य सऊदी अरब के तेल ठिकाने और सैन्य प्रतिष्ठान थे। दूसरी ओर, सऊदी अरब ने दावा किया कि उसने मक्का और मदीना क्षेत्रों की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक दिया। इनके मलबे के मक्का के पास और जेद्दा, ताइफ तथा रबिघ में गिरने की जानकारी भी सामने आई है।
हूतियों का यह बयान ऐसे समय आया है, जब सऊदी अरब और यमन के इस विद्रोही समूह के बीच सीमा पार तनाव फिर बढ़ गया है। हूतियों ने कहा कि जब भी वे इस तरह का सैन्य अभियान चलाते हैं, तो सार्वजनिक रूप से इसकी घोषणा करते हैं। सऊदी अधिकारियों की ओर से हूतियों के इस इनकार पर तत्काल कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
सऊदी तेल ठिकानों और हवाई अड्डों पर हमले का दावा
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया कि समूह ने सऊदी अरब के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें रियाद का किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, यानबू में सऊदी अरामको की एक सुविधा, रबिघ तेल रिफाइनरी, कच्चे तेल के पंपिंग स्टेशन और ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन शामिल हैं।
याह्या सारी ने दम्माम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, नज्रान के एक हवाई अड्डे और खमीस मुशैत के एक हवाई अड्डे पर भी हमले करने का दावा किया।
वहीं, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसने यानबू और ताइफ की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट कर दिया। हालांकि, सऊदी अधिकारियों ने हूतियों की ओर से बताए गए अन्य ठिकानों पर हमले के दावों पर सीधे तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
यह स्पष्ट नहीं हो सका कि बताए गए हमलों में कोई मिसाइल अपने लक्ष्य तक पहुंची या उन्हें रास्ते में ही रोक दिया गया। सऊदी अधिकारियों ने रबिघ समेत कई स्थानों के आसपास मिसाइलों का मलबा मिलने की जानकारी दी है। हूतियों ने रबिघ की तेल रिफाइनरी को निशाना बनाने का दावा भी किया था।
इससे पहले शनिवार को सऊदी नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने ताइफ, यानबू, मक्का और जेद्दा के लोगों को संभावित खतरे के प्रति अलर्ट किया था। करीब 10 मिनट बाद एजेंसी ने बताया कि खतरा टल गया है।
अदन में तटरक्षक बल के ठिकानों पर मिसाइल हमले का आरोप
यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने हूतियों पर अदन में तटरक्षक बल के ठिकानों पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का आरोप लगाया है। यमन के गृह मंत्रालय के अनुसार, इनमें से दो मिसाइलें तटरक्षक बल के मुख्यालय पर गिरीं, जबकि तीसरी मिसाइल तवाही इलाके में तटरक्षक बल की एक इमारत पर गिरी।
हालांकि, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने कहा कि उनके बलों ने अदन में सऊदी समर्थित सैन्य जमावड़ों को निशाना बनाया। उन्होंने इन ठिकानों की पहचान अल-नस्र कैंप और एक नौसैनिक सैन्य अड्डे के रूप में की। हूतियों का आरोप है कि इन स्थानों पर सऊदी अधिकारी सैन्य लामबंदी की निगरानी कर रहे थे।
यमन में संघर्ष बढ़ने से युद्धविराम कमजोर
ताजा घटनाक्रम ने वर्ष 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम पर दबाव बढ़ा दिया है। इस समझौते के बाद सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन और हूतियों के बीच सीमा पार हमले काफी हद तक रुक गए थे। सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता है, जबकि हूतियों का राजधानी सना और देश के बड़े उत्तरी हिस्से पर नियंत्रण है।
ईरान के साथ जारी व्यापक अमेरिका-इजराइल युद्ध के बीच यमन में बढ़ता तनाव क्षेत्रीय संघर्ष का एक और मोर्चा खोल सकता है। ईरान से जुड़े हूती बलों ने सऊदी अरब के ठिकानों पर हमले तेज किए हैं। इसी महीने की शुरुआत में हूतियों ने विमानन कंपनियों को सऊदी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने को लेकर चेतावनी दी थी। हालांकि, इस चेतावनी में मक्का और मदीना के ऊपर के हवाई क्षेत्र को अलग रखा गया था।
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