
भोपाल। राजनीतिक दलों को पार्षद उम्मीदवार की प्रचार सामग्री में महापौर का प्रचार करना महंगा पड़ सकता है। दरअसल, प्रचार को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने गाइडलाइन की है। गाइडलाइन के अनुसार पार्षद की प्रचार सामग्री में महापौर का फोटो होने पर प्रचार सामग्री का आधा खर्चा पार्षद और आधा महापौर प्रत्याशी के खाते में जुड़ेगा। पोस्टर से लेकर प्रचार वाहन पर भी यही गाइडलाइन लागू रहेगी। व्यय-निगरानी दल प्रचार-प्रसार पर नजर रखेगा। राज्य निर्वाचन आयोग की इस गाइड लाइन से राजनीति दलों में हड़कंप मचा हुआ है।
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