
इंदौर। शासन एक तरफ अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के नए नियम बनाने में जुटा है, तो दूसरी तरफ इंदौर में धड़ल्ले से अवैध कॉलोनाइजेशन पंचायतों और निगम सीमा क्षेत्र में हो रहा है, जिसके चलते अभी 19 और नई एफआईआर कॉलोनी सेल ने दर्ज करवाई है। ये कॉलोनियां भागीरथपुरा, सुखलिया, बिलावली, पालदा, रेवती, बिचौली मर्दाना से लेकर एयरपोर्ट विस्तार की जमीनों पर अवैध रूप से कट गर्इं और कई भूखंडों को भी बेच दिया, वहीं अभी एक मामले में हाईकोर्ट ने अवैध कॉलोनी काटने वाले कालोनाइजर और आम मुख्त्यार के खिलाफ प्रशासन द्वारा दर्ज कराई एफआईआर पर रोक भी लगाई है।
यह मामला भानगढ़ में अवैध कॉलोनी काटने वालों का है, जिसमें प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कराई, जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई और कहा कि अपर कलेक्टर को इस तरह के आदेश देने का अधिकार नहीं है, जिस पर शासन और प्रशासन को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब भी मांगा और फिलहाल अंतरिम राहत देते हुए एफआईआर के पालन पर रोक भी लगा दी। दूसरी तरफ निगम के कॉलोनी सेल द्वारा लगातार अवैध कॉलोनी काटने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अभी पिछले हफ्ते निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने बैठक लेकर झोनवार बीओ-बीआई की जिम्मेदारी भी तय की और साथ में यह भी चेतावनी दी कि उनके क्षेत्र में अवैध कॉलोनाइजेशन हुआ तो कार्रवाई उनके खिलाफ भी होगी।
अभी निगम ने 19 और एफआईआर संबंधित थानों पर अवैध कॉलोनियों के मामले में प्राप्त शिकायतों के आधार पर दर्ज करवाई है, जिसमें भागीरथपुरा क्षेत्र में माली धर्मशाला के पीछे अवैध कॉलोनी काटने का मामला सामने आया, जिसमें थाना प्रभारी बाणगंगा को एफआईआर दर्ज करने का पत्र निगम ने भिजवाया। इसी तरह सुखलिया में खसरा नम्बर 486, 487 और 507-508 पर भी अवैध कॉलोनी कटने पर हीरा नगर थाने को एफआईआर दर्ज करने को कहा। कैलोद कर्ताल में भी तीन अवैध कॉलोनियां झोन-13, वार्ड 77 में कट गई। तो बिलावली, पालदा, सिरपुर, बरदरी, रेवती, बिचौली मर्दाना, अहीरखेड़ी से लेकर एयरपोर्ट विस्तार की खसरा नम्बर 69/1 की जमीन पर भी अवैध कॉलोनी काटे जाने के मामले में निगम के भवन अधिकारी द्वारा एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
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