
लखनऊ। लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) के तिकुनिया में 3 अक्टूबर को चार किसानों को एसयूवी कार द्वारा कथित तौर पर कुचल दिया गया था, जब वे एक कार्यक्रम में कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर लौट रहे थे । इस लखीमपुर खीरी कांड (Lakhimpur Kheri Case) के आरोपी आशीष मिश्रा (Ashish Mishra) उर्फ मोनू की जमानत मामले में आज सुनवाई होगी. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की लखनऊ पीठ ने आरोपी के अधिवक्ता के अनुरोध पर यह तारीख नियत की है. न्यायमूर्ति राजीव सिंह (Justice Rajiv Singh) ने मंगलवार को यह आदेश अभियुक्त की जमानत अर्जी पर दिया.
गौरतलब है कि बीते तीन अक्तूबर को खीरी जिले में उपद्रव के बाद हिंसा में चार किसान सहित आठ लोगों की मौत के मामले में आशीष मिश्र मुख्य आरोपी है. वह केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी का बेटा है. आशीष के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल चतुर्वेदी बहस करेंगे.
इस बारेमें फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी ने पुष्टि की है कि 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी हिंसा के दौरान आरोपी अंकित दास और आशीष मिश्रा की लाइसेंसी बंदूकों से गोलियां चलाई गई थीं. लखीमपुर पुलिस ने आशीष मिश्रा और अंकित दास के लाइसेंसी हथियार जब्त किए थे. सभी हथियारों को 15 अक्टूबर को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था. किसानों का आरोप था कि आशीष और अंकित ने हिंसा के दौरान कई राउंड फायरिंग की थी. हालांकि दोनों ने इससे इनकार किया था.
वहीं, बतादें कि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की लखीमपुर खीरी यात्रा के विरोध में 3 अक्टूबर को हुई हिंसा में आठ लोग मारे गए थे. बीजेपी कार्यकर्ताओं को ले जा रही कार ने चार किसानों और एक पत्रकार को टक्कर मार दी. किसानों की मौत के मामले में गिरफ्तार किए गए 13 लोगों में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा भी शामिल हैं.
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