
नई दिल्ली: आज 1 फरवरी है. देश की अर्थव्यवस्था (Economy) की दिशा तय करने वाला दिन. आज संसद (Parliament) में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) थोड़ी देर में 9वां केंद्रीय बजट (Union Budget) पेश करेंगी. इस बजट से जहां टैक्सपेयर्स को राहत की उम्मीद है तो वहीं मिडिल क्लास से लेकर गांव-किसान की नजरें भी सरकार पर टिकी हैं. निवेशक इस बात पर टिके हैं कि सरकार ग्रोथ और वित्तीय संतुलन के बीच कैसा तालमेल बैठाती है. यह बजट ऐसे वक्त में आ रहा है जब एक तरफ देश की घरेलू मांग मजबूत बताई जा रही है तो दूसरी तरफ दुनिया में उथल-पुथल का माहौल है. अमेरिकी टैरिफ नीतियों और भू-राजनीतिक तनावों के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है.
बजट से ठीक पहले संसद में पेश इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ी तस्वीर रखी है. वर्किंग-एज आबादी का फायदा मिल रहा है, लेकिन हेल्थ और रोजगार की बड़ी चुनौती सामने है. आगामी वित्त वर्ष में 6.8% से 7.2% ग्रोथ का अनुमान है. घरेलू मांग मजबूत हुई है. फिलहाल, हर वर्ग जानना चाहता है कि क्या बजट 2026 में टैक्स स्लैब में बदलाव होगा? क्या रोजगार और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फिर जोर रहेगा? या ग्रामीण खर्च बढ़ाने वाला होगा?
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बजट में क्या कुछ रहा खास?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में 9वां केंद्रीय बजट पेश कर दिया है. वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है और कैपिटल व्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है. बजट में टैक्सपेयर्स, निवेशक, किसान, मिडिल क्लास और उद्योगों के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं.
कस्टम्स ड्यूटी में राहत और उद्योगों के लिए बड़े फैसले
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में कई कस्टम्स ड्यूटी राहतों की घोषणा की है. 17 एंटी-कैंसर दवाओं को बेसिक कस्टम्स ड्यूटी से छूट दी जाएगी, जिससे दवाइयों की उपलब्धता सस्ती और आसान होगी. SEZ में निर्मित सामान के निर्यात पर किफायती ड्यूटी दी जाएगी, जो बिक्री की सीमा के अधीन होगी. व्यक्तिगत उपयोग के लिए दायित्व वाले सामान पर ड्यूटी 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत की जाएगी.
सरकार ने SEZ की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को घरेलू बाजार में एक बार बिक्री की सुविधा देने की व्यवस्था की है. रक्षा क्षेत्र में विमान मरम्मत के लिए कच्चे माल पर बेसिक कस्टम्स ड्यूटी से छूट दी जाएगी और नागरिक प्रशिक्षण विमानों के पार्ट्स को भी BCD से मुक्त रखा जाएगा. केंद्रीय उत्पाद शुल्क की गणना में बायोगैस मिश्रित CNG के मूल्य को शामिल नहीं किया जाएगा. इसके अलावा, महत्वपूर्ण खनिजों के लिए पूंजीगत वस्तुओं पर बेसिक कस्टम्स ड्यूटी से छूट दी जाएगी, ताकि उत्पादन और निर्यात में उद्योगों को प्रोत्साहन मिले.
शेयर बाजार में उथल-पुथल
बजट में ऐलान के बीच शेयर बाजार में भारी दबाव देखा जा रहा है. निफ्टी 289 पॉइंट्स गिरा है और सेंसेक्स 803 पॉइंट्स की गिरावट के साथ नोट किया गया.
क्लाउस सर्विस के लिए सरकार की सौगात
क्लाउड सेवाओं के लिए भारत डेटा सेंटर से 2047 तक टैक्स हॉलिडे की घोषणा की गई है. टोल मैन्युफैक्चरर्स को पूंजीगत वस्तुओं पर कर से छूट दी जाएगी. भारत में पांच साल रहने वाले विदेशियों की गैर-भारत आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा और NRI को MAT से छूट दी जाएगी. इलेक्ट्रॉनिक निर्माताओं को 2 प्रतिशत लाभ मार्जिन पर सेफ हार्बर मिलेगा और डेटा सेंटर से जुड़े कंपनियों के लिए 15 प्रतिशत सेफ हार्बर लागू होगा. IT सेवाओं की एडवांस टैक्स रूलिंग प्रक्रिया दो साल में तेज की जाएगी.
सिक्योरिटी डेरिवेटिव्स पर लेन-देन कर बढ़ाने का प्रस्ताव है. ऑप्शन्स प्रीमियम और ट्रेडिंग पर STT 0.15 प्रतिशत से 0.15 प्रतिशत किया जाएगा और फ्यूचर्स पर STT 0.05 प्रतिशत बढ़ाया जाएगा. सीफूड प्रोसेसिंग इनपुट पर ड्यूटी-फ्री सीमा 3 प्रतिशत मूल्य तक बढ़ाई जाएगी, जबकि कुछ भारत में बने आइटम्स पर कस्टम्स छूट समाप्त की जाएगी. 30 मार्च तक का ब्रोUGHT-फॉरवर्ड MAT क्रेडिट सेट-ऑफ के लिए उपलब्ध रहेगा और कस्टम्स ड्यूटी संरचना को सरल बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
ITR की समय-सीमा बढ़ाई
बजट में गैर-ऑडिट ट्रस्ट्स के लिए टैक्स फाइलिंग की समयसीमा 31 अगस्त तक बढ़ाई गई है. वहीं, ITR-1 और ITR-2 फॉर्म्स की फाइलिंग की डेडलाइन 31 जुलाई तय की गई है. रिटर्न संशोधन की समयसीमा को भी 31 मार्च तक बढ़ाया गया है, इसके लिए मामूली शुल्क लगेगा.
वित्त मंत्री ने कहा कि कर्ज-जीडीपी अनुपात घटकर 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो चालू वित्त वर्ष 56.1 प्रतिशत था. आयकर अधिनियम के तहत खातों की अनुपस्थिति को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जाएगा और अभियोजन ढांचे को सरल किया जाएगा. न्यूनतम कर भुगतान 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा और मूल्यांकन व पेनल्टी कार्यवाही को एकीकृत किया जाएगा. छात्रों और युवा पेशेवरों के लिए नई विदेशी संपत्ति घोषणा योजना लागू होगी.
IT सेवाओं के लिए सेफ हार्बर की सीमा 2,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाई जाएगी और सभी IT सेवाओं के लिए 15.5 प्रतिशत सामान्य सेफ हार्बर मार्जिन लागू किया जाएगा. कुछ विदेशी संपत्तियों की गैर-घोषणा पर अभियोजन से सुरक्षा दी जाएगी.
राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत रखा
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत रखने का लक्ष्य रखा है. उन्होंने कहा कि नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा और इसके फॉर्म्स जल्द ही जारी किए जाएंगे ताकि टैक्सपेयर्स नए नियमों से आसानी से परिचित हो सकें. छोटे टैक्सपेयर्स के लिए एक नई स्कीम पेश की जाएगी, जिसमें नियम-आधारित ऑटोमेटेड प्रक्रिया के जरिए लोअर या निल डिडक्शन सर्टिफिकेट आसानी से मिल सकेगा. मानव संसाधन सेवाओं की आपूर्ति अब TDS के दायरे में आएगी और LRS के तहत शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए TCS दर 2 प्रतिशत कर दी जाएगी.
बजट 2026: कॉर्पोरेट जगत को राहत, MAT दर घटकर हुई 14%
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कंपनियों के लिए मिनिमम अल्टरनेट टैक्स (MAT) में बड़े बदलाव का ऐलान किया है। अब MAT की दर 15% से घटाकर 14% कर दी गई है। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि 1 अप्रैल, 2026 से MAT को ‘अंतिम टैक्स’ (Final Tax) माना जाएगा। इसका मतलब है कि अब भविष्य में कोई MAT क्रेडिट नहीं मिलेगा और पुरानी क्रेडिट-ऑफसेट व्यवस्था खत्म हो जाएगी। सरकार का यह कदम टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाने और विवादों को कम करने के लिए उठाया गया है।
चिकित्सा पर्यटन के लिए पांच केंद्रों की स्थापना में मदद करेगी सरकार
वित्त मंत्री ने कहा, भारतीय मूल के व्यक्ति को ‘पोर्टफोलियो निवेश योजना’ के तहत भारत की सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में निवेश की अनुमति होगी. आत्मनिर्भर भारत कोष में 4,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जोड़ी जाएगी और अगले पांच वर्षों के लिए बायोफार्मा ‘शक्ति’ के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
शिक्षा से रोजगार और उद्यम के क्षेत्र में एक उच्चस्तरीय स्थायी समिति गठित की जाएगी, जो विकसित भारत के मुख्य चालक के रूप में सेवा क्षेत्र पर केंद्रित उपायों की सिफारिश करेगी. वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय लक्ष्य को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा.
सरकार चिकित्सा पर्यटन के लिए पांच केंद्रों की स्थापना में राज्यों की मदद करेगी और बजट में इसी के तहत पांच चिकित्सकीय पर्यटन केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है. लोथल और हस्तिनापुर सहित 15 पुरातात्विक स्थलों को विकसित करने का प्रस्ताव भी बजट में शामिल किया गया है. कुल सरकारी व्यय 2026-27 में 53.5 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है.
पूर्वोत्तर क्षेत्र में मंदिरों और मठों को संरक्षित करने के लिए बौद्ध सर्किट के विकास की योजना शुरू की जाएगी. राजकोषीय घाटा 2026-27 में 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो चालू वित्त वर्ष में 4.4 प्रतिशत था.
आयुर्वेद के तीन नए एम्स
निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है और 41 प्रतिशत कर हस्तांतरण का फार्मूला बरकरार रखा गया है. आयुर्वेद के तीन नए अखिल भारतीय संस्थानों की स्थापना की जाएगी. नगर निगम के बॉन्ड जारी करने पर 100 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन का प्रस्ताव रखा गया है.
खेल क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू किया जाएगा. एसएमई के लिए बजट में 10,000 करोड़ रुपये का कोष प्रस्तावित किया गया है. एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) क्षेत्र में तेजी को देखते हुए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज को 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी ‘कंटेंट क्रिएटर लैब’ स्थापित करने में सहायता दी जाएगी.
‘करीब 2.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए’
बजट 2026 में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि करीब 2.5 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आ चुके हैं. उन्होंने बताया कि राजकोषीय घाटा 2026-27 में 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि चालू वित्त वर्ष में यह 4.4 प्रतिशत है. सरकार ने कर्ज-जीडीपी अनुपात 2026-27 में 55.6 प्रतिशत रहने का प्रस्ताव रखा है, जो चालू वित्त वर्ष 56.1 प्रतिशत है.
वित्त मंत्री ने बजट में कार्बन अवशोषण और उपयोग योजना के लिए 20,000 करोड़ रुपये की घोषणा की है और पशु चिकित्सा महाविद्यालय, अस्पताल और डायग्नोस्टिक लैब के लिए ऋण-संबंधित पूंजी सब्सिडी सहायता योजना का प्रस्ताव रखा है. उन्होंने क्लाउड सर्विसेज़ को 2047 तक टैक्स फ्री करने की व्यवस्था का ऐलान किया.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में बजट 2026 पेश करते हुए आयकर (Income Tax) ढांचे में कई महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की। सरकार ने एक ओर जहां टैक्स चोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं, वहीं छोटे करदाताओं और विदेश यात्रा करने वालों को बड़ी राहत भी दी है।
1. गलत जानकारी देने पर भारी जुर्माना- वित्त मंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि टैक्स नियमों का उल्लंघन अब महंगा पड़ेगा। उन्होंने घोषणा की कि यदि कोई करदाता अपनी आय की गलत जानकारी (Misreporting) देता है, तो उस पर टैक्स राशि का 100% जुर्माना लगाया जाएगा। यह कदम कर अनुपालन (Tax Compliance) को और अधिक पारदर्शी और सख्त बनाने के लिए उठाया गया है।
2. विदेश यात्रा हुई सस्ती: TCS दर में भारी कटौती- पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने और मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए सरकार ने विदेशी टूर पैकेज पर लगने वाले TCS (Tax Collected at Source) को घटाकर 2% कर दिया है। इससे पहले यह दर 5% से 20% के बीच थी। अब विदेश घूमना आम जनता के लिए काफी किफायती हो जाएगा।
3. ITR रिवाइज करने के लिए मिला अतिरिक्त समय- करदाताओं के लिए एक बड़ी राहत यह है कि अब वे 31 मार्च तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) रिवाइज कर सकेंगे। हालांकि, इसके लिए एक छोटा शुल्क देना होगा।
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि:
4. विदेश में संपत्ति रखने वालों के लिए ‘डिस्क्लोजर स्कीम’- छोटे करदाताओं के लिए सरकार ने छह महीने की ‘विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना’ (Foreign Asset Disclosure Scheme) शुरू की है। इसके तहत जिन लोगों के पास विदेश में संपत्तियां हैं, वे एक सीमित समय सीमा के भीतर उनका विवरण सरकार को दे सकते हैं। इसका उद्देश्य छोटे करदाताओं को कानूनी पचड़ों से बचाना और उन्हें अपनी संपत्ति घोषित करने का एक मौका देना है।
5. अन्य महत्वपूर्ण बदलाव-
टैक्स में राहत, पर्यटन और कृषि के लिए बड़े ऐलान
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि विदेश यात्रा कार्यक्रम पैकेज की बिक्री पर TCS दर अब 2% होगी, जो पहले 5% और 20% थी. इसके लिए किसी राशि की शर्त नहीं होगी. उन्होंने यह भी बताया कि मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से किसी व्यक्ति को मिले ब्याज पर अब आयकर नहीं लगेगा और इस पर TDS भी नहीं काटा जाएगा. पर्यटन और पर्यावरण क्षेत्र में भी सरकार ने नई पहल की घोषणा की. सीतारमण ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ पर्वतीय ट्रेल विकसित की जाएगी, साथ ही अराकू वैली और पश्चिमी घाट में भी ऐसी ट्रेल्स तैयार की जाएंगी. ओडिशा, कर्नाटक और केरल में प्रमुख कछुआ घोंसले वाले क्षेत्रों के पास कछुआ ट्रेल्स का विकास किया जाएगा, ताकि जैव विविधता का संरक्षण हो और पर्यटन को बढ़ावा मिले. कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव ‘भारत विस्तार’ के तहत आया है. यह एक बहुभाषी AI टूल है जो एग्री-स्टैक पोर्टल और ICAR के कृषि प्रथाओं के पैकेज को AI सिस्टम से जोड़कर किसानों और कृषि व्यवसायियों को स्मार्ट और आसान एक्सेस देगा.
She-Mart का ऐलान
निर्मला सीतारमण ने कहा, SHE (Self-help Entrepreneur) मार्क्स को कम्युनिटी-स्वामित्व वाली खुदरा दुकानों के रूप में स्थापित किया जाएगा, ताकि महिला उद्यमियों की मदद की जा सके.
शिक्षा, खेल, कृषि और स्वास्थ्य में बड़े प्रस्ताव
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, मैं उच्च शिक्षा क्षेत्र में निवेश के तहत नए संस्थान, विश्वविद्यालय टाउनशिप, छात्राओं के हॉस्टल और टेलिस्कोप इन्फ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं की स्थापना के लिए कई कदम प्रस्तावित करती हूं. देश के हर जिले में एक छात्राओं का हॉस्टल बनाया जाएगा. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आगे कहा, खेल क्षेत्र रोजगार, कौशल विकास और नौकरी के अवसर प्रदान करता है. खेलो इंडिया कार्यक्रम के माध्यम से शुरू किए गए खेल प्रतिभा के व्यवस्थित पोषण को आगे बढ़ाते हुए अगले दशक में खेल क्षेत्र को बदलने के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू करने का प्रस्ताव रखा है.
नारियल उत्पादन में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए मैं एक नारियल संवर्धन योजना प्रस्तावित रखा है ताकि उत्पादन बढ़ाया जा सके और विभिन्न हस्तक्षेपों के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाई जा सके, जिसमें प्रमुख नारियल-उत्पादक राज्यों में गैर-उत्पादक पेड़ों को नई किस्मों के पौधों या पौधों से बदला जाना शामिल है. भारतीय काजू और कोको के लिए एक समर्पित कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है ताकि भारत कच्चे काजू और नारियल उत्पादन और प्रसंस्करण में आत्मनिर्भर बन सके, निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ सके और 2030 तक भारतीय काजू और कोको को प्रीमियम वैश्विक ब्रांड में बदला जा सके.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, भारत का एनीमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) क्षेत्र एक बढ़ता हुआ उद्योग है, जिसमें 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की आवश्यकता होगी. भारतीय इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज, मुंबई का समर्थन करने के लिए प्रस्ताव रखा है, ताकि 15,000 माध्यमिक स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जा सकें
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा… तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव है. आयुष फार्मेसियों और दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं को उन्नत करना और अधिक कुशल लोग उपलब्ध कराना और जामनगर में WHO के वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र को अपग्रेड करने का प्रस्ताव है.
किसानों को AI टूल और गर्ल हॉस्टल… बजट में एक साथ कई बड़े ऐलान
बजट में किसानों के लिए भारत विस्तार AI एग्री टूल का ऐलान किया गया. इसके अलावा, हर जिले में एक गर्ल हॉस्टल बनाया जाएगा. केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव रखा. भारत को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में बढ़ावा देने के लिए राज्यों की मदद से देश में 5 क्षेत्रीय मेडिकल टूरिज्म हब स्थापित करने की योजना लाई जाएगी. सेवा क्षेत्र को विकसित भारत का प्रमुख इंजन बनाने के लिए ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज’ पर एक उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति गठित करने का प्रस्ताव है, जिसका लक्ष्य 2047 तक सेवाओं में भारत की 10 प्रतिशत वैश्विक हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है. यह समिति विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं को प्राथमिकता देगी और AI समेत उभरती तकनीकों के रोजगार व कौशल पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन कर सिफारिशें देगी. निवेश को बढ़ावा देने के लिए विदेश में निवास करने वाले भारतीय नागरिकों (PROI) को पोर्टफोलियो निवेश योजना के तहत सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों के इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश की अनुमति दी जाएगी और उनकी निवेश सीमा 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है. विकसित भारत के लिए बैंकिंग सेक्टर को नई विकास यात्रा के अनुरूप ढालने के उद्देश्य से बैंकिंग पर एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का ऐलान किया गया है, जो वित्तीय स्थिरता, समावेशन और उपभोक्ता संरक्षण को ध्यान में रखते हुए व्यापक समीक्षा करेगी. पर्यावरण के अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर- मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी विकसित किए जाएंगे. इसके साथ ही 2026-27 में सार्वजनिक पूंजीगत खर्च बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है.

सुधार, निवेश और युवा शक्ति पर जोर… विकसित भारत का रोडमैप
केंद्रीय बजट में सरकार ने बताया कि 15 अगस्त के बाद से 350 से अधिक सुधार लागू किए गए हैं और रिफॉर्म एक्सप्रेस विकास, रोजगार और उत्पादन को गति देने के लिए आगे बढ़ रही है. बजट में छह क्षेत्रों में हस्तक्षेप का प्रस्ताव है, जिसमें चैंपियन MSME का निर्माण, विरासत औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्जीवन, शहरों में आर्थिक क्षेत्रों का विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बढ़ावा और सात रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार शामिल है. भारत को वैश्विक बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए अगले पांच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये के ‘बायोफार्मा शक्ति’ प्रस्ताव, तीन नए फार्मा संस्थान और केंद्रीय औषधि मानक संगठन को मजबूत करने की घोषणा की गई. सेमीकंडक्टर सेक्टर के विस्तार के लिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना का परिव्यय बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपये, ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में दुर्लभ खनिज कॉरिडोर, तीन समर्पित केमिकल पार्क, हाई-टेक टूल रूम, कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग के लिए 10 हजार करोड़ रुपये और टेक्सटाइल सेक्टर के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना समेत कई प्रस्ताव रखे गए. MSME को मजबूत करने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का SME ग्रोथ फंड, GeM को TReDS से जोड़ना, TReDS को अनिवार्य सेटलमेंट प्लेटफॉर्म बनाना और सस्ते पैरा-प्रोफेशनल्स के जरिए अनुपालन में मदद का प्रस्ताव है. इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देते हुए FY27 में पूंजीगत खर्च 12.2 लाख करोड़ रुपये रखने, इंफ्रा रिस्क गारंटी फंड, PSU रियल एस्टेट की रीसाइक्लिंग के लिए REITs, अगले पांच वर्षों में 20 नए जलमार्ग, ओडिशा के खनिज क्षेत्रों को जलमार्ग से जोड़ने, युवाओं के प्रशिक्षण संस्थान और वाराणसी व पटना में जहाज मरम्मत इकोसिस्टम विकसित करने की बात कही गई है.
स्वास्थ्य, आयुष और ऑरेंज इकोनॉमी पर फोकस, बड़े ऐलान
निजी और सरकारी क्षेत्र में नए AHP संस्थान बनाए जाएंगे और अगले 5 वर्षों में एक लाख AHP को सिस्टम से जोड़ा जाएगा. इसके साथ ही 5 क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों की स्थापना के लिए योजना शुरू करने का प्रस्ताव है. आयुष सेक्टर को मजबूती देते हुए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे. वित्त मंत्री ने कहा कि कोविड के बाद आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर स्वीकार्यता और पहचान मिली है और आयुर्वेद उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कई कदम उठाए जाएंगे. आयुष फार्मेसी और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं को अपग्रेड किया जाएगा, जबकि जामनगर स्थित WHO वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र को और मजबूत किया जाएगा. पशु-चिकित्सा क्षेत्र में पेशेवरों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा और निजी क्षेत्र में पशु चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए पूंजी सब्सिडी सहायता योजना लाई जाएगी. वित्त मंत्री ने बताया कि 1.5 लाख देखभाल सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा. सरकार के मुताबिक ऑरेंज इकोनॉमी में 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की जरूरत होगी. पर्यटन और जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में पुलिकट झील के किनारे बर्ड वॉचिंग ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे. इसके अलावा, इस साल भारत पहले ग्लोबल बिग कैट शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें 95 देशों के सरकार प्रमुख और मंत्री हिस्सा लेंगे.
सेवा क्षेत्र पर फोकस, नई तकनीक और कुशल भारत का रोडमैप
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि ₹1,000 करोड़ से अधिक के एकल बॉन्ड के लिए ₹100 करोड़ के प्रोत्साहन का प्रस्ताव रखा गया है. सरकार ने एक बार फिर सेवा क्षेत्र पर जोर देने का फैसला किया है. वित्त मंत्री ने कहा कि किसान, महिलाएं, युवा और दिव्यांगजन—सभी के लिए नई तकनीक बेहद जरूरी है और इसे बढ़ावा देने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है. पिछले एक दशक के प्रयासों के चलते 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे हैं. युवा भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सेवा क्षेत्र को फिर से मजबूती दी जा रही है. शिक्षा से रोजगार और उद्यम तक के सफर को मजबूत करने के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति बनाई जाएगी, जो विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं पर विशेष जोर देगी. सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक सेवा क्षेत्र में 10 प्रतिशत वैश्विक हिस्सेदारी के साथ भारत अग्रणी बने. विकसित भारत के लिए कुशल पेशेवर तैयार करने को लेकर कई प्रस्ताव रखे गए हैं. इसके तहत निजी और सरकारी क्षेत्र में नए AHP संस्थान स्थापित किए जाएंगे और अगले 5 वर्षों में एक लाख AHP को सिस्टम में जोड़ा जाएगा.
7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान
• मुंबई-पुणे
• पुणे-हैदराबाद
• हैदराबाद-चेन्नई
• हैदराबाद-बेंगलुरु
• चेन्नई-बेंगलुरु
• दिल्ली-वाराणसी
• वाराणसी-सिलीगुड़ी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, शहरों के बीच विकास-संयोजक के रूप में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरीडोर बनेंगे. कॉरपोरेट मित्रों के संवर्ग की तैयारी के लिए पेशेवर संस्थानों को सुविधा मिलेगी. सेमीकंडक्टर के विस्तार के लिए आईएसएम 2.0 का शुभारम्भ करेंगे. आंशिक लोन गारंटी के लिए इंफ्रा जोखिम गारंटी निधि स्थापित होगी. कार्गो के पर्यावरण अनुकूल आवागमन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रस्ताव हैं. अगले 5 वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग शुरू होंगे. सरकारी कैपेक्स में तेजी के लिए ₹12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव दिया है.
हर जिले में गर्ल हॉस्टल की सौगात
ग्रामीण विकास और खेल उद्योग
• महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना का प्रस्ताव.
• एक जिला-एक उत्पाद को बढ़ावा, ग्रामीण युवाओं को फायदा.
• भारत के सस्ते खेल सामान के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने की संभावना.
इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड खर्च
• 2026-27 में पूंजीगत खर्च 12.2 लाख करोड़ रुपये.
• टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंफ्रा मजबूती पर जोर.
• 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में इंफ्रा विकास जारी.
• आंशिक लोन गारंटी के लिए इंफ्रा रिस्क गारंटी फंड.
• समर्पित REITs से रियल एस्टेट परिसंपत्तियों की रीसाइक्लिंग.
रेल, जलमार्ग और ग्रीन ट्रांसपोर्ट
• 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शहरों के बीच विकास सेतु बनेंगे.
• दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर.
• अगले 5 वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग.
• बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधाएं.
• समुद्री विमान VGF योजना की शुरुआत.
ग्रीन इंडस्ट्री और कार्बन कैप्चर
• औद्योगिक क्षेत्रों में कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण पर जोर.
• 5 वर्षों में 5 औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 20,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव.
वस्त्र, हथकरघा और फाइबर सेक्टर पर फोकस
• रेशम, ऊन और जूट के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना.
• पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना.
• बुनकरों और कारीगरों के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम.
• टैक्स-इको पहल से वैश्विक प्रतिस्पर्धी परिधानों को बढ़ावा.
• वस्त्र कौशल उन्नयन के लिए समर्थ 2.0.
• मेगा टेक्सटाइल्स पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव.
खनिज, केमिकल और कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग
• दुर्लभ खनिज कॉरिडोर के लिए खनिज संपन्न राज्यों की मदद.
• ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में खनिज कॉरिडोर.
• तीन समर्पित केमिकल पार्कों की स्थापना के लिए नई योजना.
• ऑटोमेटेड सर्विस ब्यूरो के तहत 2 हाई-टेक टूल रूम.
• 10,000 करोड़ रुपये के बजट के साथ कंटेनर विनिर्माण योजना.
बायोफार्मा में भारत बनेगा ग्लोबल हब
• भारत को वैश्विक बायोफार्मा विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा.
• अगले 5 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये के परिव्यय से ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना.
• बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा.
• केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) को मजबूत करने का प्रस्ताव.
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का शुभारंभ
• भारतीय IP डिजाइन और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर फोकस.
• उद्योग आधारित अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित होंगे.
• इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना में लक्ष्य से पहले दोगुना निवेश.
• इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण योजना का परिव्यय बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये.
TREDS और MSME फाइनेंसिंग को मजबूती
बजट में सरकारी खरीद की जानकारी साझा करने के लिए GeM को TREDS से जोड़ा जाने का ऐलान किया गया. TREDS के जरिए MSME को अब तक 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग की जाएगी. TREDS को लेन-देन निपटान प्लेटफॉर्म के रूप में अनिवार्य किया गया. बीजक छूट के लिए CGTMSE के माध्यम से ऋण गारंटी सहायता दी जाएगी. TREDS प्राप्तियों को आस्ति-समर्थित प्रतिभूतियों के रूप में पेश किया जाएगा.
MSME पर बड़ा दांव, चैंपियन बनाने की तैयारी
• केंद्र और राज्यों के साथ मिलकर उच्च स्तरीय समितियों का गठन.
• 200 विरासत औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित करने की योजना.
• MSME के लिए 10,000 करोड़ रुपये की SME विकास निधि का प्रस्ताव.
• आत्मनिर्भर भारत निधि में 2,000 करोड़ रुपये का टॉप-अप.
350 से ज्यादा सुधार, रफ्तार में रिफॉर्म एक्सप्रेस
निर्मला सीतारमण ने कहा कि रोजगार सृजन और विकास को गति देने के लिए व्यापक आर्थिक सुधार किए गए हैं. प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद अब तक 350 से अधिक सुधारों को लागू किया जा चुका है. उन्होंने कहा, रिफॉर्म एक्सप्रेस अपने तय मार्ग पर पूरी रफ्तार से चल रही है.
आर्थिक विकास के लिए 6 बड़े फोकस एरिया
सरकार ने विकास को तेज करने के लिए 6 क्षेत्रों में पहलों का प्रस्ताव रखा है.
• रणनीतिक और अग्रणी क्षेत्रों में विनिर्माण को तेज करना.
• चैंपियन MSME का निर्माण.
• विरासत औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्जीवन.
• इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बढ़ावा.
• दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता.
• शहरों में आर्थिक क्षेत्रों का विकास.
बजट में MSME, इंफ्रा और विकसित भारत का रोडमैप
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला केंद्रीय बजट है. उन्होंने विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में देश की जनता के साथ मजबूती से खड़े रहने के लिए आभार जताया.
वित्त मंत्री ने बजट को त्रि-आयामी दृष्टिकोण पर आधारित बताया.
उन्होंने कहा कि इन तीनों लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सहायक परिवेश, दक्ष पूंजी आवंटन और जोखिम प्रबंधन बेहद जरूरी है.
दिल्ली-वाराणसी समेत 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान
बजट में दिल्ली-वाराणसी समेत 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान किया गया है. बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधा स्थापित होगी. दिल्ली-वाराणसी, वाराणसी-सिलीगुड़ी में भी हाई-स्पीड रेल कॉरीडोर बनेंगे. 5 वर्षों में पांच औद्योगिक क्षेत्रों में कार्बन कैप्चर के लिए ₹20 हजार करोड़ का प्रस्ताव दिया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में घोषणा की कि वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है.
सरकार का इन 6 सेक्टर पर फोकस
आर्थिक विकास को गति देने के लिए छह प्रमुख क्षेत्रों में हस्तक्षेप का प्रस्ताव रखते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा, तेजी और स्थिर आर्थिक वृद्धि के लिए हम छह क्षेत्रों पर फोकस करेंगे. 7 रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार, परंपरागत औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्जीवन, चैंपियन MSMEs का निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बढ़ावा, दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना, सिटी इकोनॉमिक रीजन का विकास है.
बायो फार्मा सेक्टर के लिए क्या ऐलान?
बायो-फार्मा सेक्टर के लिए बड़ा एलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, भारत को वैश्विक बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने के लिए मैं ‘बायो फार्मा शक्ति’ योजना का प्रस्ताव रखती हूं. इसके लिए अगले 5 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाएगा. इससे बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर के घरेलू उत्पादन के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार होगा.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बड़े ऐलान
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, हम इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की शुरुआत करेंगे. इसके साथ ही उद्योग-नेतृत्व वाले रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटरों पर फोकस किया जाएगा, ताकि तकनीक आधारित और कुशल वर्कफोर्स तैयार की जा सके. वित्त मंत्री ने वैश्विक हालात पर बात करते हुए कहा, आज हम ऐसे बाहरी माहौल का सामना कर रहे हैं, जहां व्यापार और बहुपक्षवाद दबाव में हैं और संसाधनों तक पहुंच तथा सप्लाई चेन बाधित हैं. नई तकनीकें उत्पादन प्रणालियों को बदल रही हैं, वहीं पानी, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों की मांग तेजी से बढ़ रही है. भारत विकसित भारत की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता रहेगा, जहां महत्वाकांक्षा और समावेशन के बीच संतुलन होगा. बढ़ती अर्थव्यवस्था और व्यापार व पूंजी की जरूरतों के साथ भारत को वैश्विक बाजारों से गहराई से जुड़ा रहना होगा, ज्यादा निर्यात करना होगा और स्थिर दीर्घकालिक निवेश आकर्षित करना होगा.
10 हजार करोड़ का SME ग्रोथ फंड
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि 10 हजार करोड़ का SME ग्रोथ फंड रहेगा. टेक्सटाइल सेक्टर को भी सरकार बूस्टर देगी. 5 लाख से ऊपर आबादी वाले शहरों में सरकार इन्फ्रा बूस्ट करेगी.
विकास का लाभ हर किसी तक पहुंचे
निर्मला सीतारमण ने कहा, मैं देश की जनता का आभार व्यक्त करती हूं, जो दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की हमारी यात्रा में मजबूती से हमारे साथ खड़ी रही. हमारा लक्ष्य आकांक्षाओं को उपलब्धियों में और संभावनाओं को प्रदर्शन में बदलना है, ताकि विकास का लाभ हर किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, घुमंतू समुदायों, युवाओं, गरीबों और महिलाओं तक पहुंचे. वित्त मंत्री ने बजट भाषण की शुरुआत में यह भी कहा कि सरकार ने बयानबाज़ी की बजाय सुधारों को प्राथमिकता दी, और इसी नीति की वजह से जारी भू-राजनीतिक संकटों के बावजूद भारत 7.2 प्रतिशत की GDP वृद्धि दर हासिल करने में सफल रहा.
वित्त मंत्री ने बताया कैसे 7% ग्रोथ हासिल की
वित्त मंत्री ने कहा, हमने दूरगामी संरचनात्मक सुधारों, वित्तीय सतर्कता और मौद्रिक स्थिरता का रास्ता अपनाया, साथ ही सार्वजनिक निवेश पर मजबूत जोर दिया. आत्मनिर्भरता को मार्गदर्शक मानते हुए घरेलू विनिर्माण क्षमता मजबूत की गई, ऊर्जा सुरक्षा को सशक्त किया गया और अहम आयात पर निर्भरता कम की गई. साथ ही यह सुनिश्चित किया गया कि सरकार के हर कदम का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे. रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता, घरेलू क्रय शक्ति और सेवाओं तक सार्वभौमिक पहुंच के लिए सुधार किए गए. इन उपायों से करीब 7 प्रतिशत की उच्च विकास दर हासिल हुई और गरीबी घटाने व लोगों के जीवन स्तर में सुधार में अहम प्रगति हुई.
संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्या कहा…
संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्या कहा, केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, पिछले 12 वर्षों में जब से हमने जिम्मेदारी संभाली है, देश की आर्थिक यात्रा स्थिरता, वित्तीय अनुशासन, सतत विकास और नियंत्रित महंगाई से पहचानी गई है. यह अनिश्चितता और वैश्विक व्यवधानों के दौर में लिए गए हमारे सोच-समझकर किए गए फैसलों का नतीजा है.
‘विकास, सुधार और स्थिरता के रास्ते पर भारत…’
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश कर रही हैं. उन्होंने कहा, घरेलू विनिर्माण क्षमता का निर्माण किया गया, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया गया. सरकार ने लोकलुभावनवाद की बजाय आम लोगों को प्राथमिकता दी. सरकार ने बयानबाज़ी की जगह सुधारों को चुना. मोदी सरकार ने असमंजस छोड़कर निर्णायक कार्रवाई का रास्ता अपनाया. भारत की विकास यात्रा लगातार आर्थिक वृद्धि और नियंत्रित महंगाई से चिन्हित रही है. नीतिगत फैसलों से मजबूत मैक्रो-आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित हुई है.
बजट भाषण की शुरुआत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट भाषण की शुरुआत कर दी है. वे पूरा रोडमैप रख रही हैं. देश की EV-सेमीकंडक्टर से हाउसिंग सेक्टर तक बड़े ऐलानों पर नजर है.
कैबिनेट की बैठक में बजट को मंजूरी
कैबिनेट की बैठक में बजट को मंजूरी दे दी गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई थी. अब बजट को संसद में रखा जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे संसद में बजट भाषण पढ़ेंगी.
मार्केट में क्या चल रहा?
आज बजट का दिन है. शेयर बाजार से अपडेट आया है. केंद्रीय बजट पेश होने के दिन सेंसेक्स 82,328.15 अंक पर ट्रेड कर रहा है, जबकि निफ्टी (NSE) 25,314.60 के स्तर पर है. वहीं, सरकारी सूत्रों के मुताबिक जनवरी 2026 में GST संग्रह 1,93,384 करोड़ रुपये रहा. यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 6.2% की बढ़त है.
पीएम मोदी संसद पहुंचे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद भवन पहुंच गए हैं. यहां कैबिनेट में बजट पर अंतिम मोहर लगेगी. उसके बाद सदन के पटल पर रखा जाएगा. इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दही चीना खिलाकर बजट की शुभकामनाएं दीं.
थोड़ी देर में बजट भाषण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डिजिटल टैबलेट को दिखाया. इसी टैबलेट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार के आय-व्यय और आर्थिक रोडमैप से जुड़े सभी दस्तावेज शामिल हैं. राष्ट्रपति भवन से निकलने के बाद वित्त मंत्री संसद पहुंचीं, जहां सुबह 11 बजे लोकसभा में बजट पेश किया जाएगा. यह बजट देश की अर्थव्यवस्था, टैक्सपेयर्स, मिडिल क्लास, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार से जुड़ी दिशा तय करेगा.
वित्त मंत्री ने राष्ट्रपति से की मुलाकात
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और बजट के बारे में जानकारी दी और राष्ट्रपति को बजट की प्रति भी सौंपी. उनके साथ वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी मौजूद थे.
तमिलनाडु की साड़ी पहनकर बजट पेश करने पहुंचीं सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने रिकॉर्ड नौवें बजट के लिए एक शानदार कांजीवरम साड़ी चुनी है. यह साड़ी तमिलनाडु की है, जहां कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और जहां बीजेपी लंबे समय से सफलता पाने की कोशिश कर रही है.
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