
डेस्क: बजट 2026 में सरकार ने AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को भारत लाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि भारत में डेटा सेंटर से ग्लोबल क्लाउड सेवाएं देने वाली विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स हॉलिडे मिलेगा. इस फैसले का मकसद गूगल, अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट जैसे टेक दिग्गजों को भारत में निवेश के लिए आकर्षित करना है. सरकार का फोकस AI मॉडल से पहले उस मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर पर है जो AI को चलाता है.
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि डेटा सेंटर जैसे क्रिटिकल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाने के लिए टैक्स छूट दी जाएगी. यह राहत उन विदेशी कंपनियों को मिलेगी जो भारत में स्थित डेटा सेंटर के जरिए दुनिया भर के ग्राहकों को क्लाउड सेवाएं देती हैं. सरकार का मानना है कि लंबी अवधि की टैक्स छूट से बड़े निवेश फैसले तेज होंगे. इससे भारत ग्लोबल डेटा सेंटर हब बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है. बढ़ती AI और क्लाउड जरूरतों को देखते हुए यह कदम रणनीतिक माना जा रहा है.
यह प्रस्ताव खास तौर पर उन ग्लोबल टेक कंपनियों के लिए आकर्षक माना जा रहा है जिनका बिजनेस बड़े डेटा सेंटर और हाई कंप्यूटिंग पर टिका है. गूगल, अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां AI और क्लाउड सेवाओं के लिए विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करती हैं. नई टैक्स नीति से इन कंपनियों को भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाने का मजबूत कारण मिलेगा. हालांकि सरकार ने एक शर्त भी जोड़ी है कि भारतीय ग्राहकों को सेवा देने के लिए इन कंपनियों को भारतीय रिसेलर यूनिट के जरिए काम करना होगा. इससे लोकल बिजनेस इकोसिस्टम को भी फायदा मिलेगा.
बजट में टैक्स विवाद कम करने और स्पष्टता बढ़ाने के लिए सेफ हार्बर नियम भी प्रस्तावित किया गया है. इसके तहत भारत से संबंधित यूनिट द्वारा दी जाने वाली डेटा सेंटर सर्विस पर लागत का 15 प्रतिशत सेफ हार्बर मार्जिन तय किया जाएगा. इससे मल्टीनेशनल कंपनियों को टैक्स गणना और अनुपालन में आसानी होगी. लंबी अवधि की प्लानिंग और निवेश निर्णय ज्यादा भरोसे के साथ लिए जा सकेंगे. साफ टैक्स ढांचा विदेशी निवेशकों के लिए बड़ा भरोसा कारक माना जाता है.
भारत अभी दुनिया के सबसे बड़े AI मॉडल बनाने की दौड़ में पीछे हो सकता है, लेकिन सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की रणनीति चुनी है. देश में AI सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है और उसे चलाने के लिए भारी कंप्यूटिंग क्षमता चाहिए. डेटा सेंटर देश में होने से लेटेंसी कम होगी और सर्विस तेज मिलेगी. बजट में बॉन्डेड वेयरहाउस का उपयोग करने वाले विदेशी इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट कारोबारियों के लिए भी सेफ हार्बर का प्रस्ताव है, जहां मुनाफा 2 प्रतिशत इनवॉइस वैल्यू तक माना जाएगा. यह कदम भी ग्लोबल टेक कंपनियों को भारत में विस्तार के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन देगा.
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