
नासिक। महाराष्ट्र के नासिक जिले (Nashik District) में बुधवार को भारतीय सेना (Indian Army) की रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी (Regiment of Artillery) के सालाना सैन्य अभ्यास (Military Exercises) ‘तोपची’ का आयोजन किया। इस दौरान सेना ने देवलाली फील्ड फायरिंग रेंज (Field Firing Range) में अपनी गोला-बारूद की ताकत दिखाई। यहां के-9 वज्र और एम-777 अल्ट्रा लाइट होवित्जर जैसी तोपों ने आग उगली। कार्यक्रम में स्वदेशी रूप से निर्मित आर्टिलरी सिस्टम सहित कई अन्य शैन्य हथियार ने अपनी ताकत दिखाई।
इस कार्यक्रम में तोपों, मोर्टार, रॉकेट, ड्रोन और विमानन तकनीकों का बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। यहां के-9 वज्र, एम-777, बोफोर्स, धनुष, इंडियन फील्ड गन, लाइट फील्ड गन और पिनाका मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर ने अपनी मारक क्षमता से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कमेंट्री में बताया गया कि इनमें से कई हथियारों का इस्तेमाल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में हो चुका है।
इस साल का आयोजन इसलिए भी खास था क्योंकि पहली बार सीमा सुरक्षा बल और भारतीय नौसेना के जवानों ने भी इसमें हिस्सा लिया। इसके अलावा, पैराशूट रेजिमेंट के जवानों ने पैरामीटर और हैंग-ग्लाइडर के साथ अभ्यास के दौरान अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का आयोजन लेफ्टिनेंट जनरल नवनीत सिंह सरना, कमांडेंट, स्कूल ऑफ आर्टिलरी और रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी के कर्नल कमांडेंट के नेतृत्व में किया गया था। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल मनीष एरी थे। जनरल सरना ने कहा, “यह अभ्यास भारतीय आर्टिलरी की काबिलियत और शानदार काम का सबूत है। यह ऑपरेशनल तैयारी, तकनीकी प्रगति और स्वदेशी रक्षा निर्माण पर जोर देता है, जो भारत के आत्मनिर्भरता और आधुनिकीकरण पर फोकस को दर्शाता है।”
इस भव्य प्रदर्शन को देखने के लिए डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन, डिफेंस सर्विसेज टेक्निकल स्टाफ कोर्स, नेपाल आर्मी कमांड एंड स्टाफ कॉलेज के स्टूडेंट ऑफिसर, भारतीय सेना के प्रमुख अधिकारी, सिविल एडमिनिस्ट्रेशन, स्थानीय लोग और महाराष्ट्र के अलग-अलग स्कूलों और कॉलेजों के छात्र मौजूद थे।
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