
नई दिल्ली। भारत (India) ने शनिवार को बताया कि वह पश्चिम एशिया (West Asia) की उभरती स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और विदेश में भारतीय नागरिकों (Indian citizens) की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने कहा कि पूरे क्षेत्र में हवाई क्षेत्र के आंशिक रूप से खुलने के बाद 52,000 से अधिक भारतीय स्वदेश लौट आए हैं।
मंत्रालय ने सभी भारतीय नागरिकों से स्थानीय अधिकारियों के दिशानिर्देश और भारतीय मिशनों द्वारा जारी सलाह का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार हर संभव सहायता मुहैया कराने के लिए क्षेत्रीय सरकारों के साथ काम कर रही है।
सुरक्षा स्थिति
पश्चिम एशिया में स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। अमेरिका और इजराइल ने ईरानी ठिकानों पर बमबारी जारी रखी है, जबकि ईरान ने पूरे क्षेत्र में अमेरिकी और इजराइली ठिकानों पर हमलों के जरिए जवाबी कार्रवाई की है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि क्षेत्र में भारतीय मिशनों ने विस्तृत सलाह जारी की है और २४ घंटे चालू रहने वाली हेल्पलाइन स्थापित की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में सहायता उपलब्ध हो सके।
उड़ानें रद्द
सुरक्षा संकट के कारण हवाई परिचालन प्रभावित हुआ और दिल्ली व मुंबई हवाई अड्डों पर शनिवार को कम से कम 100 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं। मुंबई हवाई अड्डे से 35 प्रस्थान और 36 आगमन उड़ानें रद्द हुईं, जबकि दिल्ली हवाई अड्डे से 22 प्रस्थान और 17 आगमन उड़ानें रद्द की गईं।
दिल्ली हवाई अड्डे के संचालक डीआईएएल ने कहा कि पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति के कारण पश्चिम की ओर जाने वाली कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में देरी या समय-सारणी में बदलाव हो सकता है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच 28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष के कारण कुछ हवाई क्षेत्र बंद हो गए हैं और कई एयरलाइन कंपनियां सीमित उड़ानों का संचालन कर रही हैं।
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