
इंदौर। बिचौली मर्दाना (Bichauli Mardana) बायपास पर हुआ यह हादसा (Accident) सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था (Transportation System) और प्रशासनिक लापरवाही (Administrative Negligence) पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
तेज रफ्तार कार का सड़क किनारे लगे गन्ने के रस के ठेले में घुस जाना यह दिखाता है कि हाईवे और बायपास पर सुरक्षा मानकों का कितना अभाव है। एक तरफ अनियंत्रित गति से वाहन चल रहे हैं, तो दूसरी तरफ सड़क किनारे अनाधिकृत रूप से लगे ठेले लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। इस घटना में दो लोगों का गंभीर रूप से घायल होना और ठेले का पूरी तरह तबाह हो जाना स्थिति की गंभीरता को साफ दर्शाता है।
दरअसल, इंदौर के बायपास और हाईवे पर लंबे समय से यह समस्या बनी हुई है—गन्ने के रस, चाय-नाश्ते और अन्य फुटकर व्यवसाय बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के सड़क किनारे संचालित हो रहे हैं। तेज रफ्तार ट्रैफिक और कुछ ही फीट की दूरी पर खड़े लोग, यह एक खतरनाक संयोजन है।
इस घटना से जुड़े कुछ बड़े सवाल:
इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी है:
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved