
इंदौर। सहकारी संस्थाओं को कई अधिकार और सुविधाएं दी जा रही है, जिसमें उबर और ओला की तर्ज पर जहां टैक्सियां दौड़ेंगी, वहीं पेट्रोल पम्प, गैस एजेंसियों से लेकर मैरिज गार्डन का संचालन भी करवाया जाएगा। यूनेस्को द्वारा 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया गया था, जिसके चलते प्रदेशभर में सहकारी संस्थाओं में कई वार्षिक कार्यक्रम, कार्यशाला, सेमिनार, शिक्षण, संगोष्ठी प्रदर्शनी और कई नवाचार किए गए।
समापन कार्यक्रम में 17 विभिन्न श्रेणी की संस्थाओं के पदाधिकारियों को प्रशस्ति-पत्र, स्मृति चिन्ह और शॉल-श्रीफल से सम्मानित किया गया और उत्कृष्ट कार्य करने वाले 18 कर्मचारियों और अधिकारी भी पुरस्कृत हुए। सहकारिता आन्दोलन को जन-जन का आन्दोलन बनाने एवं उसे धरातल पर उतारने के लिए बहुप्रयोजनीय उद्देश्य के तहत ग्रामीण बी-पैक्स संस्थाओं के माध्यम से सेवाएं प्रदान करने हेतु क्रमश: पेट्रोल पम्प, गैस एजेंसी, जन औषधि केन्द्र, मांगलिक परिसर, शिक्षण-प्रशिक्षण परिसर, जैविक खाद, जैविक कृषि एवं अन्य तमाम नवाचार को सृजित किए गए।
प्रमुख सचिव, सहकारिता डी.पी. आहूजा, आयुक्त मनोज पुष्प और अपेक्स बैंक प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता का भी मार्गदर्शन इन कार्ययोजनाओं में मिला। मध्यप्रदेश विद्युत मंडल पोलोग्राउंड में समापन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रो. गौरव रावल ने एआई- सायबर क्राइम, आईटी एक्ट के संबंध में सभी सहकारी संस्थाओं के प्रतिभागियों को इसके सार्थक, सकारात्मक पहलुओं के साथ-साथ दुष्परिणामों से भी सजग रहने की सलाह विस्तार से प्रजेन्टेशन के माध्यम से एवं उपस्थितियों के प्रश्नों के समाधान के साथ दी गई। अंत में जिला सहकारी संघ के प्रशासक के.के. जमरे द्वारा आभार एवं कार्यक्रम का संचालन सहकारिता अधिकारी राजकुमार देवकर द्वारा किया गया।
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