
इंदौर। शासन अवैध कॉलोनी पर और सख्ती करने जा रहा है। आज भोपाल में इसे लेकर उच्च स्तरीय बैठक भी बुलाई गई है। दरअसल शहरी क्षेत्रों के तेजी से विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों का उनमें समावेश होने से अवैध कालोनियां तेजी से कटने लगी हैं। लिहाजा शहर की तरह ही ग्रामीण क्षेत्रों की कॉलोनियों के लिए भी नियम कड़े और समान रहेंगे। दूसरी तरफ निगमायुक्त ने भी अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए बीओ और बीआई को जिम्मेदारी सौंपी और हर 15 दिन में प्रतिवेदन भी मांगा है।
अब शहरों में तो जमीनें बची नहीं, लिहाजा ग्रामीण क्षेत्रों में ही वैध के साथ-साथ अवैध कॉलोनियां भी तेजी से विकसित की जा रही हैं। इंदौर में ही निगम सीमा में 29 गांवों को शामिल करने के बाद आगामी मास्टर प्लान में जो 79 गांव लिए गए हैं, उन्हीं में नई कॉलोनियां अधिक विकसित हो रही हैं। धारा 16 के तहत मिली अनुमति के बाद नगर तथा ग्राम निवेश से अभिन्यास मंजूर करवाकर प्रशासन के कॉलोनी सेल से विकास अनुमति हासिल की जा रही है। दूसरी तरफ अभी भी निरंतर अवैध कॉलोनियां कट रही हैं। हालांकि शासन ने अवैध कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया भी शुरू की तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा है कि अवैध कॉलोनाइजेेशन पर पूरी तरह से सख्ती हो, क्योंकि इससे अनियोजित विकास होता है, जिसके चलते नगरीय प्रशासन और विकास विभाग ने आज भोपाल में बैठक भी बुलाई है, जिसमें अवैध कॉलोनियों पर और सख्ती से कार्रवाई करने, शहरों की तरह ही ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली कॉलोनियों में नियम-कायदे लागू करने का निर्णय लिया जाएगा।
दूसरी तरफ निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने भी अवैध कॉलोनियों की रोकथाम पर प्रभावी कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। समस्त भवन अधिकारी/भवन निरीक्षक अपने-अपने झोन क्षेत्र अंतर्गत अनधिकृत (अवैध) कॉलोनी निर्माण की जानकारी प्राप्त होते ही उसे हटाने की कार्रवाई करते हुए अनधिकृत (अवैध) कॉलोनी निर्माणकर्ता के विरुद्ध पंचनामा रिपोर्ट एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज तैयार करते हुए तैयार जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्काल उक्त अवैध कॉलोनी निर्माणकर्ता के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया। आयुक्त सिंघल द्वारा आदेश जारी करते हुए नगरीय निकाय क्षेत्र अंतर्गत अनधिकृत (अवैध) कॉलोनी का निर्माण/विकास न हो इस संबंध में कार्रवाई हेतु निगरानी दल गठित किया गया, जिसमें क्षेत्रीय भवन अधिकारी, उनके अधीनस्थ भवन निरीक्षक एवं भवन सहायक अपने झोन क्षेत्र अंतर्गत निर्माणाधीन अनधिकृत (अवैध) कॉलोनी पर पूर्व आदेश अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कॉलोनी सेल विभाग नगर पालिक निगम इंदौर को जांच रिपोर्ट भेजेंगे। वहीं क्षेत्रीय झोनल अधिकारी उनके अधीनस्थ पदस्थ वार्ड उपयंत्री के माध्यम से झोन क्षेत्र अंतर्गत सतत निगरानी रखते हुए नवीन अनधिकृत (अवैध) कॉलोनी निर्माणाधीन होने की दशा में लिखित जानकारी प्रतिवेदन क्षेत्रीय भवन अधिकारी, भवन अनुज्ञा शाखा एवं कॉलोनी सेल विभाग को भेजना सुनिश्चित करेंगे।
निगम ने चिह्नित की 19 नई अवैध कॉलोनी, एफआईआर भी करवाई
नगर निगम के कॉलोनी सेल द्वारा जहां पिछले दिनों अवैध कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया की गई तो लगातार अवैध कॉलोनियों को चिह्नित कर बुलडोजर चलाने और एफआईआर दर्ज करवाने की प्रक्रिया भी जारी है। कॉलोनी सेल के मुताबिक अभी 19 और नई अवैध कॉलोनियां चिह्नित की गई हैं, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के पत्र भी संबंधित थानों पर भिजवा दिए हैं। वहीं अब आयुक्त ने भी झोनवार अवैध कॉलोनी निर्माण, विकास पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी मान उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। नगर निगम अभी तक 152 कॉलोनियों को वैध भी कर चुका है, मगर समस्या यह है कि इनमें से अधिकांश कॉलोनियों के रहवासियों ने विकास शुल्क की राशि जमा नहीं कराई है। लगभग 30 कॉलोनियों से ही निगम को यह राशि प्राप्त हुई है। वहीं लगभग 30 अन्य कॉलोनियां भी नियमितीकरण की प्रक्रिया में हैं, जिनमें से 7-8 कॉलोनियां तो अंतिम दौर में हैं।
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