
इंदौर। जिले में बाल विवाह की एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां छेड़छाड़ से परेशान दो मासूम बेटियों का जीवन दांव पर लग गया, वहीं पिता भी जेल जाते-जाते बचा। पड़ोसी गांव के एक युवक की हरकतों से तंग आकर पिता ने नाबालिग बेटी की शादी कराने की तैयारी कर ली थी। हालांकि समय रहते महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम मौके पर पहुंची और समझाइश देकर बाल विवाह रुकवा दिया। अब मनचले युवक के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जा रही है।
चाइल्ड हेल्पलाइन पर सूचना मिली कि बेटमा थाना क्षेत्र के ग्राम चिकलोंड़ा में दो लड़कियों का विवाह कराया जा रहा है। शिकायत मिलते ही जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिंहा के मार्गदर्शन में जिलास्तरीय दल तत्काल गांव पहुंचा। जिले में कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में बाल विवाह रोकथाम को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है। दल में शामिल उडऩदस्ता सदस्य महेंद्र पाठक, चाइल्ड हेल्पलाइन के फूलसिंह कारपेंटर और अमन ने परिजनों से बातचीत की। जांच में सामने आया कि बड़ी बेटी बालिग है, जबकि दूसरी की उम्र महज 16 वर्ष है। परिवार आर्थिक और सामाजिक दबाव के चलते नाबालिग बेटी की भी शादी कराने जा रहा था।
पत्थरबाजी की घर पर
पूछताछ में पिता ने जो वजह बताई वह और भी चौंकाने वाली थी। परिजनों के मुताबिक पास के गांव का एक युवक लगातार लडक़ी को परेशान कर रहा था। वह रास्ते में छेड़छाड़ करता, धमकाता और विरोध करने पर मारपीट पर उतारू हो जाता था। उसकी हरकतों के कारण लडक़ी स्कूल तक नहीं जा पा रही थी और इसी वजह से वह परीक्षा भी नहीं दे सकी। कुछ दिन पहले आरोपी युवक ने लडक़ी के घर पर पथराव तक कर दिया था, जिससे पूरा परिवार दहशत में आ गया। परिवार ने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन युवक नहीं माना। अंतत: मजबूरी में पिता ने बेटी की कम उम्र में शादी करने का फैसला कर लिया।
मनचले युवक के खिलाफ सख्ती
महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने परिवार को कानून और बालिका के भविष्य के बारे में समझाया। समझाइश के बाद परिजनों ने नाबालिग बेटी का विवाह तत्काल निरस्त कर दिया, वहीं प्रशासन ने अब मनचले युवक के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। थाना प्रभारी बेटमा के माध्यम से आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि वह दोबारा लडक़ी को परेशान करता है तो उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
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